एक प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ ने चेतावनी दी है कि ‘प्रीडायबिटीज’ को केवल एक मेडिकल शब्द समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह वास्तव में इस बात का संकेत है कि आपका शरीर गंभीर खतरे में है। विशेषज्ञ के अनुसार, जब आपके रक्त में शर्करा का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है, तो यह सीधे तौर पर आपकी धमनियों और हृदय को नुकसान पहुँचाना शुरू कर देता है। रिपोर्ट बताती है कि प्रीडायबिटीज से पीड़ित १० में से ८लोगों को यह पता ही नहीं होता कि वे इस स्थिति में हैं। यदि समय रहते जीवनशैली में बदलाव नहीं किया गया, तो अगले ५ वर्षों के भीतर इनमें से ५० (पचास) प्रतिशत लोगों को टाइप २ डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है।
इस स्थिति को उलटने के लिए डॉक्टर ने आहार और व्यायाम में तत्काल सुधार की सलाह दी है। उन्होंने सुझाव दिया है कि रोजाना कम से कम ३० मिनट की तेज सैर और कार्बोहाइड्रेट में ४० प्रतिशत की कटौती करने से इंसुलिन संवेदनशीलता में काफी सुधार हो सकता है। इसके अलावा, रात में ७-८ घंटे की गहरी नींद लेना और तनाव कम करना भी रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विशेषज्ञ का कहना है कि वजन में केवल ५-७ प्रतिशत की कमी लाकर भी आप डायबिटीज के खतरे को ५८ प्रतिशत तक कम कर सकते हैं और एक स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ा सकते हैं।
