वोडाफोन आइडिया के शीर्ष प्रबंधन ने भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के एक कंसोर्टियम (संघ) के साथ चल रही ऋण (लोन) संबंधी बातचीत को जल्द ही अंतिम रूप देने का भरोसा जताया है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अभिजीत किशोर ने वित्त वर्ष २०२६ की चौथी तिमाही के नतीजों के दौरान बताया कि प्रमोटरों द्वारा इक्विटी इन्फ्यूजन (पूंजी निवेश) और एजीआर बकाये में मिली सरकारी राहत के बाद बैंक लोन को लेकर बातचीत काफी तेजी से आगे बढ़ रही है। इस फंडिंग के तहत कंपनी ३५,००० करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है, जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के अलावा निजी और विदेशी बैंक भी शामिल हैं। कंपनी का लक्ष्य अगले ३ वर्षों में ४५,००० करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय करना है, जो देश भर में 5G नेटवर्क शुरू करने, नेटवर्क कवरेज को मजबूत करने और ग्राहकों को जोड़ने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
आदित्य बिड़ला समूह ने अपनी सिंगापुर स्थित इकाई ‘सूर्याजा इन्वेस्टमेंट्स’ के माध्यम से कंपनी में ४,७३० करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश करने की घोषणा की है, जिससे प्रमोटरों की हिस्सेदारी बढ़कर १३ प्रतिशत से अधिक हो जाएगी। इसके अलावा, संशोधित क्लैम समझौते के तहत वोडाफोन पीएलसी से भी कंपनी को ५,८३६ करोड़ रुपये मिलेंगे। एजीआर बकाये में सरकार द्वारा २७ प्रतिशत की कटौती (कम करके ६४,०४६ करोड़ रुपये करना) के कारण वोडाफोन आइडिया ने इस तिमाही में ५१,९७० करोड़ रुपये का ऐतिहासिक शुद्ध लाभ दर्ज किया है, जिसने इसकी कुल नेटवर्थ में बड़ा सुधार किया है। हालांकि कंपनी पर अगले ३ वर्षों में स्पेक्ट्रम और अन्य देनदारियों के रूप में करीब १ लाख करोड़ रुपये के भुगतान का दायित्व है, लेकिन प्रबंधन का मानना है कि प्रमोटर निवेश, आगामी टैरिफ बढ़ोतरी (१० से १५ प्रतिशत), इनकम टैक्स रिफंड और इस नए लोन के जरिए कंपनी अपनी वित्तीय स्थिति को पूरी तरह संभाल लेगी।
