October 12, 2026
sasetat

दिवाली और छठ महापर्व के इस पावन अवसर पर बिहार लौटने वाले आम लोगों की परेशानियां काफी बढ़ गई हैं क्योंकि दिल्ली से पटना का सफर तय करने वाली कई नियमित ट्रेनों में एसी टिकट मिलना अब लगभग असंभव सा हो गया है। राजधानी एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस और श्रमजीवी एक्सप्रेस सहित करीब एक दर्जन प्रमुख ट्रेनों में एक से सात नवंबर तक के लिए एसी कोच की सभी सीटें पूरी तरह भर चुकी हैं और कई तारीखों पर बुकिंग को बंद कर दिया गया है, जबकि कुछ खास ट्रेनों में रिग्रेट जैसी स्थिति भी बन चुकी है और स्लीपर क्लास में भी लंबी वेटिंग चल रही है। हालांकि यात्रियों को सांत्वना देने वाली बात यह है कि रेलवे द्वारा चलाई जा रही कई स्पेशल ट्रेनों में अभी भी सीटें उपलब्ध हैं और इसके अलावा दिल्ली से बिहार के लिए चलने वाली बसों में भी कुछ रूटों पर सीटें खाली हैं, जिसे लेकर पूर्व मध्य रेल की सीपीआरओ सरस्वती चंद्र ने बयान दिया है कि यात्रियों की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए स्पेशल ट्रेनों की संख्या में और वृद्धि की जाएगी। दीवाली और छठ के इस व्यस्त समय में दिल्ली से पटना आने वाली सभी ट्रेनों में यात्रियों का भारी रेला उमड़ रहा है जिसका सीधा असर सीटों की उपलब्धता पर पड़ रहा है, उदाहरण के तौर पर राजेंद्रनगर तेजस राजधानी के एसी-2 कोच में एक से तीन नवंबर तक लंबी वेटिंग चल रही है और चार से सात नवंबर के बीच नो रूम का बोर्ड लग चुका है। संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस में सफर करने वाले यात्रियों की मुश्किलें भी कम नहीं हो रही हैं क्योंकि एक से चार नवंबर तक इसके एसी-2 टियर और इकोनॉमी क्लास में नो रूम आ रहा है, जबकि एसी-1 में चार से सात नवंबर तक रिग्रेट दिखाई दे रहा है जिसका स्पष्ट अर्थ है कि इन तारीखों पर सामान्य कोटे से टिकट मिलना बंद हो चुका है। डिब्रूगढ़ राजधानी के एसी-1 में एक से तीन नवंबर तक वेटिंग है और चार से सात नवंबर तक नो रूम की स्थिति है, वहीं श्रमजीवी एक्सप्रेस के एसी-1 में एक से तीन नवंबर के बीच वेटिंग टिकट मिल रहा है और चार से सात नवंबर तक रिग्रेट की स्थिति बनी हुई है। दिल्ली से बिहार की तरफ आने वाली अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनों में भी सीटों की भारी कमी बनी हुई है क्योंकि महानंदा एक्सप्रेस में एक से तीन नवंबर तक वेटिंग चल रही है और चार नवंबर की बुकिंग पूरी तरह बंद है। नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस और सीमांचल एक्सप्रेस का भी यही हाल है जहां एक से तीन नवंबर तक वेटिंग चल रही है और चार नवंबर को दोनों ही ट्रेनों में नो रूम हो चुका है। विक्रमशिला एक्सप्रेस के एसी-1 में एक, दो और चार नवंबर को वेटिंग चल रही है तथा तीन तारीख और पांच से सात नवंबर के बीच रिग्रेट की स्थिति है, जबकि पूर्वा एक्सप्रेस में चार, पांच और सात नवंबर को एसी-1 और एसी-2 टियर में नो रूम है, हालांकि इसके स्लीपर क्लास में अभी भी वेटिंग टिकट मिल रहा है और अमृत भारत एक्सप्रेस में एक से पांच नवंबर तक वेटिंग टिकट उपलब्ध है जिसकी अधिकतम वेटिंग 159 तक बताई जा रही है। नियमित ट्रेनों में आसानी से टिकट न मिलने की स्थिति में यात्री स्पेशल ट्रेनों का रुख कर सकते हैं क्योंकि रेलवे ने इस त्योहारी सीजन में अतिरिक्त भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कई स्पेशल ट्रेनें संचालित की हैं जिनमें दिल्ली और बिहार के बीच चलने वाली तमाम ट्रेनें शामिल हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इन स्पेशल ट्रेनों में अभी टिकट मिल रहे हैं जैसे चंडीगढ़-पटना स्पेशल (गुरुवार), पटना-चंडीगढ़ स्पेशल (शुक्रवार), फिरोजपुर कैंट-पटना स्पेशल (मंगलवार), पटना-फिरोजपुर कैंट स्पेशल (बुधवार), आनंद विहार-जोगबनी स्पेशल (शनिवार), जोगबनी-आनंद विहार स्पेशल (रविवार), आनंद विहार-मुजफ्फरपुर स्पेशल (मंगलवार और शुक्रवार), मुजफ्फरपुर-आनंद विहार स्पेशल (बुधवार और शनिवार), दिल्ली-सीतामढ़ी स्पेशल (गुरुवार), सीतामढ़ी-दिल्ली स्पेशल (शनिवार), आनंद विहार-लौकहा बाजार स्पेशल (प्रतिदिन), लौकहा बाजार-आनंद विहार स्पेशल (प्रतिदिन), ऋषिकेश-मुजफ्फरपुर स्पेशल (रविवार), मुजफ्फरपुर-ऋषिकेश स्पेशल (सोमवार), और आनंद विहार-पाटलिपुत्र स्पेशल (प्रतिदिन) शामिल हैं। टिकट बुक करने की प्रक्रिया से पहले सभी यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा की निश्चित तारीख, ट्रेन के निर्धारित समय और सीटों की वर्तमान उपलब्धता को अच्छी तरह जांच लें क्योंकि त्योहारों के इन दिनों में सीटों की स्थिति बहुत तेजी से बदलती रहती है। दिवाली और छठ के दौरान बिहार आने वाले यात्रियों की संख्या में भारी उछाल आता है जिसके चलते नियमित ट्रेनों पर अत्यधिक दबाव पड़ना एक स्वाभाविक बात है, और इस बार भी दिल्ली से पटना आने वाली कई गाड़ियों में एसी टिकट की भारी किल्लत देखने को मिल रही है जिस पर रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए स्पेशल ट्रेनों की संख्या बढ़ाने का आश्वासन दिया है। यात्रियों के लिए यही सबसे बेहतर रहेगा कि वे अपने सफर की योजना समय से पहले बना लें और यदि नियमित ट्रेनों में सीट हासिल न हो सके तो वे स्पेशल ट्रेनों या बसों के विकल्पों को प्राथमिकता दें, साथ ही अपनी यात्रा से पहले टिकट की अंतिम उपलब्धता और बुकिंग की वास्तविक स्थिति को संबंधित रेलवे या बस बुकिंग पोर्टल पर अवश्य जांच लें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *