स्वतंत्रता दिवस से पहले देश की सुरक्षा को लेकर खुफिया एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया है। खुफिया सूचनाओं के मुताबिक, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर भारत विरोधी तत्व 15 अगस्त के आसपास देश में किसी वारदात को अंजाम देने की कोशिश कर सकते हैं। इसके मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि संभावित खतरा केवल सीमावर्ती क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगा। भारत के भीतर भी संवेदनशील स्थानों को निशाना बनाने की कोशिश हो सकती है। एजेंसियों का मानना है कि टियर-2 शहर, जहां बड़े महानगरों की तुलना में सुरक्षा व्यवस्था अपेक्षाकृत कम होती है, भी आतंकियों के निशाने पर हो सकते हैं
एक खुफिया अधिकारी के अनुसार, आईएसआई जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ कराने की कोशिश कर सकती है। इसके साथ ही बांग्लादेश सीमा के रास्ते भी भारत में घुसपैठ कराने की आशंका जताई गई है। सुरक्षा एजेंसियां इन संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा रही हैं।
खुफिया इनपुट के मुताबिक, आईएसआई को लगता है कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के कारण दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों का बड़ा हिस्सा 15 अगस्त की तैयारियों और समारोहों पर केंद्रित रहेगा। इसी स्थिति का फायदा उठाकर अन्य इलाकों में किसी वारदात को अंजाम देने की कोशिश की जा सकती है।
सुरक्षा एजेंसियां इस इनपुट को गंभीरता से लेते हुए बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे और मध्यम शहरों में भी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रही हैं।
खुफिया अधिकारियों के मुताबिक, सीमा पार की गतिविधियों से संकेत मिलते हैं कि पाकिस्तान कई आंतरिक चुनौतियों से जूझ रहा है। गुलाम जम्मू-कश्मीर और बलूचिस्तान में जारी उथल-पुथल के बीच भारत में किसी बड़ी वारदात के जरिए ध्यान भटकाने की कोशिश की जा सकती है।
स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर दिल्ली समेत देशभर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सुरक्षा एजेंसियां एवं स्थानीय पुलिस आपसी समन्वय से काम कर रही हैं।
