दिग्गज इस्पात निर्माता कंपनी टाटा स्टील का एकीकृत शुद्ध लाभ वित्त वर्ष दो हजार पच्चीस-छब्बीस की जनवरी-मार्च तिमाही में दो गुना से भी अधिक बढ़कर दो हजार नौ सौ पैंसठ करोड़ रुपये रहा है। नई दिल्ली से जारी इस रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के मुनाफे में आई इस शानदार तेजी का मुख्य कारण भारत में परिचालन राजस्व (ऑपरेशनल रेवेन्यू) का अधिक होना है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी गई अपनी आधिकारिक सूचना में बताया कि ठीक एक साल पहले इसी समान तिमाही में उसे एक हजार दो सौ एक करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था। इस वित्तीय सुधार से कंपनी की बाजार में स्थिति और मजबूत हुई है।
जनवरी-मार्च की इस तिमाही के दौरान टाटा स्टील की कुल आय भी बढ़कर तिरसठ हजार पांच सौ अठारह दशमलव छह शून्य करोड़ रुपये हो गई है, जो एक वर्ष पूर्व वित्त वर्ष दो हजार चौबीस-पच्चीस की चौथी तिमाही में छप्पन हजार छह सौ उन्यासी दशमलव एक एक करोड़ रुपये दर्ज की गई थी। इसके अलावा, अगर पूरे वित्त वर्ष दो हजार पच्चीस-छब्बीस की बात करें, तो कंपनी ने कुल दस हजार आठ सौ पचासी दशमलव आठ दो करोड़ रुपये का शानदार शुद्ध लाभ कमाया है। यह वार्षिक मुनाफा वर्ष दो हजार चौबीस-पच्चीस के तीन हजार एक सौ तिहत्तर दशमलव सात आठ करोड़ रुपये के मुकाबले तीन गुना से भी अधिक है, जो कंपनी के मजबूत और सतत विकास को दर्शाता है।
