मूडीज़ रेटिंग्स ने शुक्रवार को चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया। एजेंसी ने कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने ग्लोबल झटकों का मजबूती से सामना किया है, लेकिन तेल की ऊंची कीमतों और अल नीनो के असर से महंगाई का खतरा बना हुआ है।
भारत की ‘Baa3’ सॉवरेन रेटिंग की समय-समय पर होने वाली समीक्षा के बाद जारी एक बयान में मूडीज़ ने कहा कि उसे उम्मीद है कि कर्ज में कमी धीरे-धीरे होगी और कर्ज चुकाने की क्षमता कमजोर बनी रहेगी, क्योंकि भारत पर कर्ज का बोझ ज्यादा है और ब्याज लागत का ढांचा भी ऊंचा है।
मूडीज़ ने कहा कि कैलेंडर वर्ष (CY) 2026 के पहले छह महीनों में भारत की वास्तविक GDP ग्रोथ सालाना आधार पर बढ़कर 8.2 प्रतिशत हो गई, जो CY 2025 में पूरे साल के लिए 7.3 प्रतिशत थी। इस बढ़त को मजबूत प्राइवेट खपत, पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार खर्च और प्राइवेट सेक्टर के निवेश में संभावित तेजी के कारण मजबूत ग्रॉस फिक्स्ड कैपिटल फॉर्मेशन, और सर्विस सेक्टर में लगातार मजबूती का समर्थन मिला।
मूडीज़ ने कहा, “मिडिल ईस्ट में संघर्ष से पैदा हुए ग्लोबल झटकों के प्रति अर्थव्यवस्था की मजबूती को देखते हुए हमने वित्त वर्ष 2026-27 (मार्च 2027 में खत्म होने वाला साल) के लिए वास्तविक GDP ग्रोथ का अनुमान 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया है।”
मूडीज़ ने कहा कि भारत के अन्य सभी G20 देशों और समान रेटिंग वाले उभरते बाजारों की तुलना में तेजी से बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन साथ ही जोखिमों के प्रति भी आगाह किया।
