टाटा संस की AGM टलने के बाद कंपनी को कंपनी रजिस्ट्रार (ROC) से राहत मिल गई है। ROC ने टाटा संस को वार्षिक आम बैठक आयोजित करने के लिए तीन महीने की अतिरिक्त समयसीमा दी है। अब AGM 31 दिसंबर, 2026 तक आयोजित की जा सकती है।
टाटा संस की AGM 18 अगस्त को होनी थी, लेकिन बैठक के लिए जरूरी कोरम पूरा नहीं होने के कारण इसे स्थगित करना पड़ा। कंपनी कानून के तहत AGM की मूल समयसीमा 30 सितंबर, 2026 थी। हालांकि, 27 अगस्त को जारी एक पत्र के जरिए कंपनी रजिस्ट्रार ने इस समयसीमा को तीन महीने बढ़ा दिया।
सूत्रों के मुताबिक, टाटा संस ने सर रतन टाटा ट्रस्ट पर लगी रोक के चलते पैदा हुई असाधारण परिस्थितियों का हवाला देते हुए समय बढ़ाने की अपील की थी। इसी आधार पर ROC ने कंपनी को अतिरिक्त समय दिया है।
AGM के एजेंडे में टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के कार्यकाल को आगे बढ़ाने का प्रस्ताव भी था। लेकिन बैठक नहीं हो पाने के कारण इस प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जा सका। इससे कंपनी के शीर्ष नेतृत्व को लेकर स्थिति फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है।
कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 96(1) के तहत एक व्यक्ति वाली कंपनी को छोड़कर सभी कंपनियों के लिए हर साल AGM करना जरूरी है। ROC ने मोहलत देने के साथ टाटा संस को भविष्य में कंपनी कानून के तहत सभी आवश्यक नियमों और अनुपालनों का सख्ती से पालन करने की हिदायत भी दी है।
टाटा संस में 66 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाले सर रतन टाटा ट्रस्ट पर महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर की रोक के कारण AGM प्रभावित हुई। टाटा संस के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन के मुताबिक, AGM में सर रतन टाटा ट्रस्ट और सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट की ओर से संयुक्त रूप से नामित प्रतिनिधियों की मौजूदगी जरूरी है। एक ट्रस्ट पर रोक के कारण यह शर्त पूरी नहीं हो पाई।
सर रतन टाटा ट्रस्ट पर लगी रोक महाराष्ट्र पब्लिक ट्रस्ट्स एक्ट में हुए बदलाव के कथित उल्लंघन से जुड़ी है। इस बदलाव के तहत ट्रस्ट के बोर्ड में परपेचुअल ट्रस्टियों की संख्या कुल सदस्यों के 25 फीसदी से ज्यादा नहीं हो सकती।
अगर 31 दिसंबर तक भी रोक नहीं हटती है, तो मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए NCLAT का रुख किया जा सकता है।
इस बीच, चंद्रशेखरन ने अगस्त की शुरुआत में टाटा संस के बोर्ड को पत्र लिखकर स्पष्ट किया कि फरवरी 2027 में चेयरमैन के तौर पर उनका कार्यकाल पूरा होने के बाद वह अगले कार्यकाल के लिए अपना नाम आगे नहीं बढ़ाएंगे। वह फरवरी 2017 से टाटा संस की कमान संभाल रहे हैं।
पिछले साल टाटा ट्रस्ट्स ने चंद्रशेखरन के लिए पांच साल के तीसरे कार्यकाल की सिफारिश की थी। हालांकि, फरवरी 2026 की बोर्ड बैठक में टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने एयर इंडिया और टाटा डिजिटल के वित्तीय प्रदर्शन पर सवाल उठाए थे। इसके बाद चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल को लेकर चर्चा रुक गई थी।
