दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए प्रदर्शन और छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद बिहार में भी विरोध की आहट तेज हो गई है। कई जिलों में छात्र संगठनों के प्रदर्शन की संभावना को देखते हुए गया जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क हो गई है। सरकारी कार्यालयों, प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। साथ ही ड्रोन, सीसीटीवी कैमरों और फ्लैग मार्च के जरिए पूरे शहर की निगरानी की जा रही है। जिला प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की है, जबकि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों को कड़ी चेतावनी दी गई है
जिले में हर गतिविधि पर नजर
छात्र संगठनों के संभावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए गया पुलिस ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, सरकारी कार्यालयों और अन्य संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके अलावा विशेष सुरक्षा बलों द्वारा शहर में फ्लैग मार्च भी किया गया, ताकि लोगों में सुरक्षा का भरोसा कायम रहे और किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति को समय रहते नियंत्रित किया जा सके। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह एहतियात के तौर पर की गई है, ताकि किसी भी सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान न पहुंचे और आम जनजीवन प्रभावित न हो।
ड्रोन और सीसीटीवी से हो रही निगरानी
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने तकनीक का भी सहारा लिया है। शहर के संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है, जबकि प्रमुख स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। पुलिस कंट्रोल रूम से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने कहा कि जिला प्रशासन ने पूरी तरह एहतियाती व्यवस्था की है। उन्होंने बताया कि प्रशासन विभिन्न छात्र संगठनों और कोचिंग संस्थानों के प्रतिनिधियों से लगातार संवाद कर रहा है। सभी से आग्रह किया गया है कि यदि प्रदर्शन करें तो वह पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से करें। प्रशासन का उद्देश्य किसी को रोकना नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
