दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई हिस्सों में तापमान गिरने से गुलाबी ठंड ने अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है और भारतीय मौसम विभाग ने 22 अक्टूबर 2026 को 15 राज्यों में बारिश का भारी अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण मौसम का रुख बदल सकता है, जिसकी वजह से दक्षिण और मध्य भारत के विभिन्न राज्यों में आज तेज आंधी-तूफान के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। दूसरी ओर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में हो रही ताजा बर्फबारी का असर अब मैदानी क्षेत्रों के मौसम पर भी साफ तौर पर दिखने लगा है। मौसम विभाग की रिपोर्ट्स के अनुसार पिछले चौबीस घंटों में राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई है, जिसके परिणामस्वरूप तापमान में दो से तीन डिग्री तक की गिरावट आई है और आने वाले दिनों में ठंड और अधिक तीव्र होने वाली है। मॉनसून के कमजोर पड़ने के बाद बंगाल की खाड़ी में फिर से बने लो प्रेशर एरिया और बांग्लादेश के ऊपर सक्रिय वायु चक्रवाती परिसंचरण के कारण पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिल रहा है, जिससे कई राज्यों में बारिश की चेतावनी दी गई है। दक्षिण के राज्यों खासतौर पर तमिलनाडु और केरल के तटीय क्षेत्रों में सुबह से ही बारिश हो रही है, जिससे किसानों को फसल बुवाई से पहले बड़ी राहत मिली है क्योंकि यह पानी खेतों के लिए बेहद फायदेमंद है। आईएमडी ने आज जिन 15 राज्यों में बारिश की संभावना जताई है उनमें तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, महाराष्ट्र, लक्षद्वीप, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, अंडमान-निकोबार, नागालैंड और असम शामिल हैं, जबकि पहाड़ों की बर्फबारी से पंजाब और दिल्ली का तापमान भी गिरने लगा है। दिल्ली-एनसीआर में सुबह के समय ठंडक का अहसास होने लगा है और बिगड़ती वायु गुणवत्ता के मद्देनजर यहाँ बुधवार से ही चार सूत्रीय पाबंदियों वाला ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान शुरू कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश के कानपुर, कुशीनगर, बिजनौर, आगरा, मथुरा, श्रावस्ती, गोरखपुर, गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ और देवरिया में मौसम का अलर्ट है और लखनऊ में तापमान अधिकतम 31 तथा न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। मध्य प्रदेश के 21 और राजस्थान के 20 जिलों में भी आज बारिश के अनुमान से तापमान गिरा है, जिससे भोपाल और जयपुर में ठंड बढ़ने लगी है। पहाड़ी राज्यों में हो रही बर्फबारी से सैलानियों की संख्या बढ़ने लगी है और पहाड़ों की तरफ से आ रही सर्द हवाएं मैदानी इलाकों में ठंड को और बढ़ाएंगी। हालांकि इस वर्ष अल नीनो के कारण पर्याप्त बारिश न होने से महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना जैसे राज्यों में सूखे जैसे हालात और पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिसका सीधा असर किसानों की बुवाई और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।
