टाटानगर रेलवे स्टेशन और आसपास के रेल नेटवर्क की तस्वीर अगले तीन वर्षों में बदलने की तैयारी है। स्टेशन के आधुनिकीकरण के साथ प्लेटफॉर्म की संख्या बढ़ाई जाएगी। चौथी रेल लाइन का काम जल्द पूरा करने, रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) बनाने और 36 मीटर चौड़े सिग्नेचर पुल के निर्माण की योजनाओं पर भी काम किया जाएगा। इसके अलावा टाटानगर और हल्दीपोखर के बीच नया रेलवे स्टेशन बनाने तथा झारसुगुड़ा से टाटानगर होते हुए आसनबनी तक पांचवीं और छठी रेल लाइन बिछाने की संभावनाओं पर भी काम चल रहा है।
चक्रधरपुर मंडल के डीआरएम तरुण हुरिया ने गुरुवार को टाटानगर स्टेशन पर आयोजित रेल जनसंवाद कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यात्रियों की बढ़ती संख्या और रेल यातायात के बढ़ते दबाव को देखते हुए रेलवे आधारभूत संरचना को मजबूत करने पर विशेष जोर दे रहा है। इन योजनाओं के पूरा होने से ट्रेनों के परिचालन की क्षमता बढ़ेगी और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
दो नई एक्सप्रेस ट्रेनों के परिचालन की तैयारी
टाटानगर से रेल कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए पुरी-बादामपहाड़ और संतरागाछी-खातीपुरा एक्सप्रेस का परिचालन जल्द शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इन ट्रेनों के शुरू होने से यात्रियों को नए गंतव्यों तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे। इससे क्षेत्र के यात्रियों को यात्रा की योजना बनाने में भी सहूलियत होगी।
डीआरएम ने बताया कि टाटानगर और हल्दीपोखर के बीच नया रेलवे स्टेशन बनाने की भी योजना है। इसके अलावा आदित्यपुर स्टेशन का उन्नयन किया जा रहा है और गोविंदपुर स्टेशन को भी विकसित करने की योजना है। इन स्टेशनों पर सुविधाओं के विस्तार से आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को अपने घर के नजदीक बेहतर रेल सेवाएं मिल सकेंगी। साथ ही टाटानगर स्टेशन पर यात्रियों का दबाव कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
चौथी लाइन पूरी करने पर जोर, पांचवीं-छठी लाइन का सर्वे
व्यस्त रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही सुगम बनाने के लिए चौथी रेल लाइन का काम जल्द पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही झारसुगुड़ा से टाटानगर होते हुए आसनबनी तक पांचवीं और छठी रेल लाइन बिछाने के लिए सर्वे शुरू किया गया है। अतिरिक्त रेल लाइनों के विकास से भविष्य में बढ़ने वाले रेल यातायात को संभालने में मदद मिल सकती है।
स्टेशन के आधुनिकीकरण, प्लेटफॉर्म विस्तार, आरओबी और 36 मीटर चौड़े सिग्नेचर पुल से जुड़ी योजनाओं का उद्देश्य रेल और सड़क यातायात को अधिक व्यवस्थित बनाना है। रेलवे की योजना है कि इन विकास कार्यों के माध्यम से यात्रियों की आवाजाही आसान हो और ट्रेनों के परिचालन में भी सुधार आए।
चक्रधरपुर मंडल में कवच प्रणाली का काम जल्द पूरा करने का लक्ष्य
रेल परिचालन की सुरक्षा बढ़ाने के लिए चक्रधरपुर मंडल में स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ का काम जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह प्रणाली ट्रेन परिचालन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके विकास से रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।
ट्रेनों की रफ्तार और समयपालन में सुधार की कोशिश
थावे-टाटानगर समेत कई ट्रेनों की औसत रफ्तार 30 से 32 किलोमीटर प्रति घंटे रहने और यात्रियों को होने वाली परेशानी के संबंध में पूछे जाने पर डीआरएम ने कहा कि लंबी दूरी की ट्रेनों के अधिक ठहराव के कारण यात्रा में समय लगता है। रेलवे इस स्थिति में सुधार के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। पहले की तुलना में स्थिति बेहतर हुई है, लेकिन ट्रेनों की गति और समयपालन में सुधार एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है।
पत्थरबाजी और अनावश्यक चेन पुलिंग नहीं करने की अपील
डीआरएम तरुण हुरिया ने लोगों से ट्रेनों पर पत्थरबाजी नहीं करने और बिना उचित कारण चेन पुलिंग से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि ट्रेनों पर पत्थर फेंकने से यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती है। वहीं, अनावश्यक चेन पुलिंग से ट्रेनों का परिचालन प्रभावित होता है और अन्य यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ती है।
उन्होंने यात्रियों से रेलवे की संपत्ति की सुरक्षा करने और स्टेशन परिसर में स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करने का आग्रह किया।
रेल जनसंवाद में यात्रियों ने रखीं समस्याएं
रेल जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान डीआरएम ने करीब 20 से 25 यात्रियों से सीधे बातचीत की और स्टेशन की साफ-सफाई, यात्री सुविधाओं तथा रेल सेवाओं से संबंधित समस्याओं और सुझावों को सुना। यात्रियों ने लंबी दूरी की ट्रेनों में साफ-सफाई की व्यवस्था को बेहतर बनाने की जरूरत बताई। समग्र रूप से यात्रियों की ओर से टाटानगर स्टेशन को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया भी मिली।
डीआरएम ने कहा कि यात्रियों से मिलने वाला फीडबैक रेलवे की सेवाओं में सुधार के लिए महत्वपूर्ण है। यात्रियों की समस्याओं और सुझावों के आधार पर सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
डीआरएम के दौरे पर स्टेशन परिसर में दिखी विशेष व्यवस्था
डीआरएम के आगमन को लेकर गुरुवार को टाटानगर स्टेशन पर विशेष साफ-सफाई और व्यवस्था देखने को मिली। प्लेटफॉर्म से लेकर स्टेशन परिसर तक सफाई की गई थी। ड्रॉपिंग गेट पर जवान तैनात थे, जबकि आम दिनों में यहां वाहनों की कतार लगने से आवागमन प्रभावित होता है।
सामान्य दिनों में प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की भीड़ रहती है, लेकिन गुरुवार को यात्रियों को स्टेशन परिसर में बनाए गए अस्थायी प्रतीक्षालय में बैठाया गया था। दौरे के दौरान व्यवस्थाएं दुरुस्त नजर आईं। हालांकि, आम दिनों में स्टेशन परिसर में भीड़ और वाहनों के जमावड़े की समस्या बनी रहती है।
कार्यक्रम के बाद चला स्वच्छता अभियान
रेल जनसंवाद कार्यक्रम समाप्त होने के बाद स्टेशन परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया। रेलवे के अधिकारियों और कर्मचारियों ने पार्किंग क्षेत्र, डिवाइडर और उद्यानों की सफाई की। रेलवे प्रशासन की ओर से यात्रियों की सुविधाओं के साथ स्टेशन परिसर को स्वच्छ बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
