नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इंडिगो एयरलाइन में बड़े पैमाने पर हुई उड़ान व्यवधानों से संबंधित कार्रवाई करते हुए चार उड़ान संचालन निरीक्षकों को उनके पद से हटा दिया है। यह कड़ा कदम तब उठाया गया जब नियामक संस्था की भूमिका पर गंभीर सवाल उठने लगे थे कि उसने एयरलाइन की पायलट आवश्यकता और नए पायलट ड्यूटी एवं आराम के मानदंडों का अनुपालन करने की तैयारी का सही आकलन किए बिना उसे शीतकालीन समय सारणी में दस प्रतिशत अधिक उड़ानों की अनुमति क्यों दी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, डीजीसीए ने सीधे इंडिगो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पीटर एल्बर्स को बारह दिसंबर, दो हज़ार पच्चीस को तलब किया।
सीईओ को उड़ानों को बहाल करने, अधिक पायलटों को नियुक्त करने के प्रयासों, और तीन से पाँच दिसंबर के बीच गंभीर रूप से प्रभावित हुए सभी यात्रियों को रिफंड तथा मुआवजे जारी करने की योजनाओं पर गहन पूछताछ का सामना करना पड़ा। व्यवधानों के बाद, इंडिगो ने उन यात्रियों को दस हज़ार रुपये मूल्य के यात्रा वाउचर भी देने की पेशकश की, जो सबसे अधिक प्रभावित हुए थे। अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे संकट को संभालने में हुई चूक की जाँच की जा रही है, जो दर्शाता है कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सरकार अब एयरलाइनों पर कठोर रुख अपना रही है।
