August 30, 2025
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एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण जितनी बेहतरीन एक्ट्रेस हैं, उतनी ही अच्छी बैडमिंटन प्लेयर रह चुकी हैं। बता दें कि वह नेशनल लेवल पर बैडमिंटन खेल चुकी हैं। एक्ट्रेस ने बताया कि वह बचपन से ही बैडमिंटन खेलते हुए बड़ी हुई हैं। इस खेल ने उनकी ज़िंदगी को नया आकार दिया है। ऐसे में वह चाहती हैं कि और लोग भी इस खेल से जुड़ें, इसके लिए उन्होंने पूरे देश में ‘पादुकोण स्कूल ऑफ बैडमिंटन’ के 75 नए सेंटर खोलने का लक्ष्य रखा है। विवेक रंजन ने बताया कब आएगा टीजर दीपिका पादुकोण ने इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर शेयर की, जिसमें वह अपने पापा प्रकाश पादुकोण के साथ पोज देती नजर आ रही हैं। उनके पापा बैडमिंटन के जाने-माने खिलाड़ी रह चुके हैं। इस तस्वीर को शेयर करते हुए एक्ट्रेस ने लिखा, “मैंने बचपन में बैडमिंटन खेला है, और मैंने खुद महसूस किया है कि यह खेल इंसान की जिंदगी को कई तरीकों से बदल सकता है, शारीरिक, मानसिक और भावनाओं से भी।” दीपिका ने बताया कि ‘पादुकोण स्कूल ऑफ बैडमिंटन’ (पीएसबी) के 75 नए सेंटर देशभर में खोले जा रहे हैं। पीएसबी के जरिए हम चाहते हैं कि बैडमिंटन की खुशी और अनुशासन हर क्षेत्र के लोगों तक पहुंचे। हमारा मकसद है कि एक ऐसी पीढ़ी तैयार हो, जो सेहतमंद हो, ध्यान से काम करे और खेलों से प्रेरित हो।””पादुकोण स्कूल ऑफ बैडमिंटन (पीएसबी), जिसकी शुरुआत दीपिका पादुकोण ने की है और इसे उनके पिता व पूर्व वर्ल्ड नंबर 1 बैडमिंटन खिलाड़ी प्रकाश पादुकोण मार्गदर्शन दे रहे हैं, ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पीएसबी अपने पहले ही साल में भारत के 18 शहरों में 75 से ज्यादा कोचिंग सेंटर्स शुरू करने जा रहा है।” इन शहरों में बेंगलुरु, दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, चेन्नई, जयपुर, पुणे, नासिक, मैसूर, पानीपत, देहरादून, उदयपुर, कोयंबटूर, सांगली और सूरत जैसे शहर शामिल हैं। प्रेस नोट में आगे कहा गया, “‘बैडमिंटन फॉर ऑल’ के मिशन के साथ, पीएसबी का लक्ष्य है कि साल के अंत तक 100 सेंटर्स और अगले तीन सालों में 250 सेंटर्स तक पहुंचा जाए।” नोट में आगे कहा गया, “अकादमी का मकसद है कि अच्छी और किफायती बैडमिंटन कोचिंग हर किसी को मिल सके, चाहे वह किसी भी उम्र का हो।” “प्रकाश पादुकोण के मार्गदर्शन में बनाई गई कोचिंग पद्धति के जरिए, यह संस्था देश भर के स्कूल के बच्चों और कामकाजी लोगों को बैडमिंटन से जोड़ना चाहती है। साथ ही, यह उन लोगों को भी मदद देना चाहती है जो बैडमिंटन कोच बनना चाहते हैं, ताकि उन्हें अच्छी ट्रेनिंग और एक स्थिर करियर मिल सके।”‘पादुकोण स्कूल ऑफ बैडमिंटन’ स्कूलों, संस्थाओं और पहले से मौजूद स्पोर्ट्स वेन्यू के साथ मिलकर छोटे-छोटे ट्रेनिंग सेंटर शुरू करता है। इन सेंटर्स से चुने गए अच्छे खिलाड़ी बेंगलुरु में मौजूद इसके तीन बड़े हाई-परफॉर्मेंस सेंटर्स में एडवांस ट्रेनिंग के लिए भेजे जाते हैं।” “100 से ज्यादा कोचों को एक खास ट्रेनिंग और सर्टिफिकेशन प्रोग्राम के तहत तैयार किया गया है। साथ ही, पीएसबी के पास सबसे आधुनिक सुविधाएं हैं। इससे उनकी कोचिंग में एक जैसा तरीका और अच्छी क्वालिटी बनी रहती है, और वह आने वाले समय के चैंपियन खिलाड़ियों को पहचानकर उनकी मदद कर सकते हैं।”

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