November 4, 2026
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भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के ग्लोबल लीडरशिप सेंटर ने मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं को नेतृत्व की जिम्मेदारी के लिए तैयार करने के उद्देश्य से ‘वुमेन इन मैन्युफैक्चरिंग फ्यूचर लीडर्स फेलोशिप प्रोग्राम’ की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम के पहले बैच की मेजबानी सीआईआई झारखंड की ओर से जमशेदपुर में की जा रही है। इसके तहत तीन दिवसीय प्रत्यक्ष नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
छह महीने तक चलने वाला यह फेलोशिप कार्यक्रम मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में शॉप फ्लोर ऑपरेशंस, प्रोडक्शन, तकनीकी कार्यों, गुणवत्ता नियंत्रण और सुपरवाइजरी पदों पर कार्यरत महिलाओं के लिए तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य महिलाओं की नेतृत्व क्षमता को विकसित करना और उन्हें भविष्य में सुपरवाइजर तथा प्रबंधकीय पदों की जिम्मेदारी संभालने के लिए सक्षम बनाना है।
इस अवसर पर सीआईआई झारखंड के चेयरमैन दिलू पारिख ने कहा कि भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कार्यबल की पूरी क्षमता का उपयोग करना जरूरी है। अब महिलाओं की केवल भागीदारी बढ़ाने तक सीमित रहने के बजाय उन्हें नेतृत्व और निर्णय लेने वाले पदों तक पहुंचाने के अवसर उपलब्ध कराने होंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह फेलोशिप प्रतिभागियों को बड़ी जिम्मेदारियां संभालने के लिए प्रेरित करेगी और उद्योगों में समावेशी कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देगी।
कार्यक्रम में आईआईएम विशाखापत्तनम, सीआईआई के विभिन्न सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और मैन्युफैक्चरिंग उद्योग के विशेषज्ञों का सहयोग लिया जा रहा है। आईआईएम विशाखापत्तनम की ओर से व्यक्तिगत प्रभावशीलता, टीम प्रबंधन और कार्यस्थल पर बेहतर माहौल से जुड़े प्रशिक्षण दिए जाएंगे। वहीं, सीआईआई इंस्टीट्यूट ऑफ क्वालिटी और सीआईआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर कॉम्पिटिटिवनेस फॉर एसएमई की ओर से परिचालन उत्कृष्टता और मैन्युफैक्चरिंग प्रतिस्पर्धात्मकता पर मार्गदर्शन मिलेगा। सीआईआई गोदरेज ग्रीन बिजनेस सेंटर पर्यावरण संरक्षण और ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग से संबंधित जानकारी देगा।
तीन दिवसीय प्रत्यक्ष प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागियों को ऑनलाइन माध्यम से भी विशेषज्ञों के साथ संवाद का अवसर मिलेगा। इसमें करियर विकास, नेतृत्व क्षमता, टीम प्रबंधन, उत्पादन की गुणवत्ता और उद्योग में आगे बढ़ने के रास्तों पर जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा प्रतिभागियों को उद्योग भ्रमण कराया जाएगा, जहां वे मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की बेहतर कार्यप्रणालियों को करीब से समझ सकेंगी। कार्यक्रम के समापन पर दीक्षांत सत्र आयोजित होगा और प्रतिभागियों को आईआईएम विशाखापत्तनम की ओर से प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।
यह पहल आंध्र प्रदेश सरकार के सहयोग से स्थापित सीआईआई ग्लोबल लीडरशिप सेंटर (जीएलसी), अमरावती की दूरदर्शी योजना का हिस्सा है। केंद्र का उद्देश्य उद्योग, सरकार, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में प्रभावी, नैतिक, समावेशी तथा वैश्विक स्तर पर सक्षम नेतृत्व तैयार करना है।
सीआईआई के इस प्रयास से मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में महिलाओं के लिए करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर विकसित होंगे। साथ ही कंपनियों को महिला कर्मचारियों की नेतृत्व क्षमता पहचानने, उन्हें मार्गदर्शन देने और उच्च पदों तक पहुंचाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

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