टाटा स्टील में कार्यरत करीब 400 कर्मचारी ग्रेड रिवीजन समझौते के लाभ से वंचित होने का मामला लेकर मंगलवार को टाटा वर्कर्स यूनियन पहुंचे। करीब 100 कर्मचारियों ने यूनियन पदाधिकारियों से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं और ग्रेड रिवीजन का लाभ दिलाने की मांग की। कर्मचारियों ने सबसे पहले यूनियन के वाइस प्रेसिडेंट राजीव चौधरी से मुलाकात की। उन्होंने कर्मचारियों को बताया कि ग्रेड रिवीजन वार्ता में यूनियन अध्यक्ष संजीव चौधरी, डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह और महामंत्री सतीश सिंह शामिल होते थे। इसलिए कर्मचारियों को तीनों पदाधिकारियों से अपने हित में हुए समझौते की जानकारी लेनी चाहिए। इसके बाद यूनियन अध्यक्ष संजीव चौधरी के कार्यालय पहुंचने पर कर्मचारियों ने उनसे मुलाकात की और ग्रेड रिवीजन समझौते का लाभ नहीं मिलने की समस्या से अवगत कराया।
बताया गया कि लाभ से वंचित कर्मचारियों में करीब 125 निबंधित कर्मचारी, 35 जॉब-फॉर-जॉब श्रेणी के कर्मचारी तथा करीब 175 कर्मचारी 2022 ट्रेड अप्रेंटिस बैच के हैं, जिनकी नियुक्ति 14 जनवरी 2025 को हुई है। कर्मचारियों के अनुसार 2019 के ग्रेड रिवीजन समझौते के दौरान तत्कालीन यूनियन अध्यक्ष आर. रवि प्रसाद के कार्यकाल में 500 निबंधित कर्मचारियों की बहाली का प्रावधान हुआ था। बहाली तीन चरणों में हुई थी, जिसमें अंतिम चरण में 125 निबंधित कर्मचारियों की नियुक्ति हुई। भूल सुधार कमेटी बनने का इंतजार यूनियन अध्यक्ष संजीव चौधरी ने कर्मचारियों को बताया कि ग्रेड रिवीजन के बाद किसी बड़े समझौते में यदि कोई विसंगति या कर्मचारी हित से जुड़ी समस्या सामने आती है, तो प्रबंधन की ओर से भूल सुधार कमेटी गठित की जाती है।
कमेटी में कर्मचारी अपनी समस्याएं और मांगें रखते हैं, जिसके बाद प्रबंधन और यूनियन के बीच उन मुद्दों पर बातचीत होती है। उन्होंने कहा कि फिलहाल भूल सुधार कमेटी का गठन नहीं हुआ है। कमेटी बनने के बाद संबंधित कर्मचारी उसमें अपनी मांगें रख सकते हैं। इसके बाद प्रबंधन के साथ बातचीत कर समस्याओं के समाधान का प्रयास किया जाएगा।
