November 5, 2026
WhatsApp Image 2026-11-05 at 9.58.31 AM

अरका जैन विश्वविद्यालय के मैनेजमेंट डिपार्टमेंट (एमबीए) ने इंडस्ट्री मेंटर बोर्ड के सहयोग से ‘इंडस्ट्री–एकेडेमिया समिट’ का आयोजन किया। इस विशेष संवाद सत्र में विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े वरिष्ठ मेंटर्स व छात्रों ने एक मंच पर आकर सीधे संवाद और विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भावी प्रबंधकों को उद्योग जगत की बदलती कार्यसंस्कृति, आधुनिक कार्यस्थल की वास्तविक अपेक्षाओं और बेहतर रोजगार के लिए आवश्यक स्किल से पूर्णतः परिचित कराना था।

इस समिट में इंडस्ट्री मेंटर के रूप में एनईईवी की शिखा जैन, हाइको प्राइवेट लिमिटेड के तपस साहू, हिमालय एंटरप्राइजेज के राजीव शुक्ला, सुदिशा फाउंड्री के उमेश मकवाना और टाटा कमिंस के नरेंद्र कुमार ने शिरकत की। इन दिग्गजों ने छात्रों के साथ अपने व्यावसायिक सफर के अनुभव साझा किए। इस क्रम में उन्होंने विद्यार्थियों को कॉर्पोरेट जगत की बारीकियों से अवगत कराया।

चर्चा के दौरान विशेषज्ञों ने सतत विकास (सस्टेनेबिलिटी), भावनात्मक समझ (इमोशनल इंटेलिजेंस), कार्य के प्रति निष्ठा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के सार्थक उपयोग जैसे समसामयिक बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की। मेंटर्स ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए बताया कि आज के कड़े प्रतिस्पर्धा के दौर में सिर्फ किताबी ज्ञान की बदौलत आगे नहीं बढ़ा जा सकता है। इसके लिए व्यावहारिक दक्षता और कक्षा में सीखे गए सिद्धांतों को कार्यक्षेत्र की वास्तविक समस्याओं के समाधान में लागू करने की क्षमता होना अनिवार्य है।

उद्योग जगत से आए इन प्रतिनिधियों ने इस बात पर भी बल दिया कि कार्यस्थल पर अपनी उपयोगिता साबित करने के लिए लगातार नए हुनर सीखना और नई तकनीक को लेकर कर अपडेट रहना जरूरी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि व्यावहारिक कौशल के साथ ही मजबूत शैक्षणिक आधार भी उतना ही मायने रखता है। विषयों की ठोस बुनियादी समझ ही किसी पेशेवर में जटिल समस्याओं को सुलझाने और त्वरित निर्णय लेने का सामर्थ्य विकसित करती है।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को जिज्ञासु बनने, तेजी से बदलते दौर के अनुरूप खुद को ढालने और निरंतर सीखने की आदत विकसित करने की प्रेरणा दी गई। विशेषज्ञों ने सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक अनुभवों के समुचित समन्वय को ही एक सशक्त व सफल पेशेवर व्यक्तित्व की पहचान बताया।

विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से बताया गया ह कि यह कार्यक्रम शिक्षा जगत और उद्योगों के बीच जीवंत संवाद स्थापित करने की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित हुआ। इसके माध्यम से विश्वविद्यालय के प्रबंधन विभाग ने अपने विद्यार्थियों को भविष्य की व्यावसायिक चुनौतियों और कॉरपोरेट जगत की अपेक्षाओं के अनुरूप दक्ष बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *