
दानापुर शाहपुर थाना क्षेत्र के बाबूचक दुखोटोला में मिट्टी काटने से बने पानी भरे गड्ढे में बुधवार को नहाने के दौरान एक ही परिवार के तीन बच्चे डूब गये। घटना दोपहर में घटी, जिसकी जानकारी शाम को ट्यूशन पढ़ाने वाले शिक्षक के आने पर हुई। जब शिक्षक ने बच्चों को खोजने का प्रयास किया, तब इस घटना का पताचला। तीनों बच्चे घर से लगभग 200 गज की दूरी पर स्थित गड्ढे में मिले। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना से गांव में मातमी सन्नाटा छा गया और बच्चों के घर पर भीड़ लग गई। घटना की जानकारी मिनलने बच्चों की मां की हालत बिगड़ गई, जिन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। मृतकों में दो सहोदर और एक चचेरा भाई शामिल बा।
सूचना मिलने पर पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर अस्पताल भेजा। देर रात सभी का पोस्टमार्टम किया गया।जानकारी के अनुसार, बाबूचक गांव के दुखीटोला निवासी मधुराय के पुत्र सोनू राय उर्फ साहेब का 12 वर्षीय पुत्र पंकज कुमार, 10 वर्षीय रोहित कुमार और धीरज राय का पुत्र आयुष (12) बुधवार की दोपहर घर से खेलने निकले थे। वे पास के खेत में मिट्टी काटने से बने गड्ढे में नहाने लगे, जोअवैध मिट्टी खनन के कारण बना था। इस गड्ढे में तीनों बच्चे डूब गए और उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर गांव में कोहराम मच गया। स्वजनों ने बताया कि सभी बच्चे अक्सर घर से बाहर खेलते थे। जब शाम को शिक्षक ट्यूशन पढ़ाने आए, तो बच्चों की खोजबीन शुरू हुई। बच्चों की बहन काजल ने बताया कि आयुष ने खेलने की बात कहकर गया था। जब शिक्षक ने बच्चों को खोजने का प्रयास किया, तब पास के एक युवक ने बताया कि उसने तीनों बच्चों को गड्ढे में नहाते देखा था। यह सुनते ही परिवार वाले गड्ढे की ओर दौड़े, जहां बच्चों के कपड़े मिले। कपड़े देखकर दादा मधु राय ने बच्चों के नाम लेकर चीत्कार कर उठे। स्थानीय लोगों की मदद से सभी को गड्ढे से निकाला गया, लेकिन सभी को पास के क्लीनिक में मृत घोषित कर दिया गया।
बताया जाता है कि अवैध मिट्टी खनन के कारण गांव के किनारे खेत में बड़े गड्ढे बन गए थे, जिनमें वर्षों का पानी भर गया था। गड्ढे की गहराई लगभग 14-15 फीट थी। मृतक आयुष आर्दश विकास विद्यालय में पांचवीं कक्षा में, पंकज आदिति पब्लिक स्कूल में पहली कक्षा में और रोहित एलकेजी को छात्र था। शव घर पहुंचते ही रोहित और पंकज को मां श्वेता तथा आयुष को मां सरिता अचेत हो गई। दादी सुगंती देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। घर में चोख-पुकार मची थी। दोनों पिता बच्चों के नाम लेकर चिल्ला उठे। दोनों मों की हालत बिगड़ती देख उन्हें खगौल स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।इस घटना ने गांव के लोगों को झकझोर कर रख दिया। सूचना पर पहुंची शाहपुर पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। भाजपा नेता भाई सनोज यादव भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्वजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिया। प्रभारी थानाध्यक्ष ने बताया कि खेत में मिट्टी काटने से बने पानी भरे गड्डे में डूबने से एक ही परिवार के तीन बच्चों क मौत हो गई है। शवों का पोस्टमार्टम किया जा रहा है और आगे की कार्र की जाएगी।