राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने 1971 के युद्ध में भारत को ऐतिहासिक विजय दिलाने वाले भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य, पराक्रम और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। इन नेताओं ने एक्स पर अपने संदेशों में कहा कि 1971 की जीत ने न केवल देश की सुरक्षा और सम्मान को नई ऊंचाई दी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र के लिए समर्पण की प्रेरणा भी दी है।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत माता के वीर सपूतों को सादर नमन। उनके साहस, पराक्रम और मातृभूमि के लिए अनन्य निष्ठा ने राष्ट्र को सदैव गौरवान्वित किया है। राष्ट्रपति ने भारतीय सेना की स्वदेशीकरण से सशक्तिकरण की पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में सेना ने आत्मनिर्भरता, सामरिक दृढ़ता और आधुनिक युद्ध शैली का प्रभावी परिचय दिया है। उन्होंने सभी सैनिकों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस ऐतिहासिक विजय दिवस पर वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके साहस और बलिदान से ही भारत को 1971 में ऐतिहासिक विजय प्राप्त हुई। सैनिकों की अटूट संकल्पशक्ति और निस्वार्थ सेवा ने देश की रक्षा की और यह दिन उनके अद्वितीय शौर्य को नमन करने का अवसर है, जो पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
