
महावतार नरसिम्हा ने भारत में एनीमेशन सिनेमा को लेकर बनी रूढ़िवादिता को तोड़ दिया है। यह फिल्म न केवल बॉक्स ऑफिस पर ज़बरदस्त कमाई कर रही है, बल्कि बॉलीवुड की कई बहुचर्चित फिल्मों को भी पछाड़ रही है। चाहे वीकेंड हो या हफ़्ते का मध्य – महावतार नरसिम्हा की रफ़्तार दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही है। जहाँ आमतौर पर हफ़्ते के दिनों में फिल्मों की कमाई धीमी हो जाती है, वहीं यह फिल्म हर दिन रिकॉर्ड तोड़ रही है। इसने ‘सैय्यारा’, ‘सन ऑफ़ सरदार 2’ और ‘धड़क 2’ जैसी फिल्मों की कुल कमाई को पीछे छोड़ दिया है। इसकी बढ़ती लोकप्रियता और इसके प्रति लोगों के बढ़ते क्रेज को देखते हुए, यह कहना गलत नहीं होगा कि इसका अगला लक्ष्य 150 करोड़ क्लब है – और अब उस मुकाम तक पहुँचना बस समय की बात लगती है। ‘नरसिम्हा’ की कहानी और दृश्यों का जादू हर दर्शक को पसंद आ रहा है। ‘महावतार नरसिम्हा’ को मिल रही ज़बरदस्त प्रतिक्रिया अद्भुत है। फिल्म देखने वाला हर वर्ग, चाहे वो बच्चे हों या बड़े, इसकी कहानी, ग्राफिक्स और प्रस्तुति की खुलकर सराहना कर रहा है। सोशल मीडिया पर हर जगह फिल्म की तारीफ हो रही है, जिससे इसका बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन लगातार मजबूत हो रहा है। फिल्म का प्रदर्शन लगातार बना हुआ है और आज की तारीख में ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है, खासकर जब बड़े सितारों से सजी फिल्में भी टिक नहीं पातीं। 13वें दिन भी नहीं रुकी रफ्तार- कमाई ने उड़ाए होश आंकड़ों की बात करें तो Saccanilk की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म ने 13वें दिन 6 करोड़ रुपये का शानदार कलेक्शन किया। इसके साथ ही इसका कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 112.80 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। दिलचस्प बात यह है कि फिल्म ने अब तक किसी भी दिन 6 करोड़ रुपये से कम की कमाई नहीं की है- जो अपने आप में एक बेंचमार्क है। फिल्म ने पहले हफ्ते में ही 44.75 करोड़ रुपये की दमदार शुरुआत की थी। इसके बाद, दूसरे हफ़्ते के शुरुआती दिनों में भी यह ग्राफ़ बढ़ता ही रहा ‘महावतार नरसिम्हा’ सिर्फ़ एक फ़िल्म नहीं, बल्कि एक फ़्रैंचाइज़ी की शुरुआत है। इसके निर्माताओं ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि इस ब्रह्मांड में कुल 6 और फ़िल्में बनाई जाएँगी, जो आने वाले वर्षों में हर दो साल में रिलीज़ होंगी। यानी यह सीरीज़ आने वाले दशक में भारतीय एनिमेटेड सिनेमा की धुरी बन सकती है। इस फ़िल्म की सफलता ने साबित कर दिया है कि जब विषयवस्तु मज़बूत हो, प्रस्तुति नई हो और तकनीक का सही इस्तेमाल हो — तो दर्शक किसी भी शैली की फ़िल्म को खुले दिल से स्वीकार करते हैं। ‘महावतार नरसिम्हा’ ने रचा इतिहास जिस एनीमेशन शैली को अब तक भारत में बच्चों तक ही सीमित माना जाता था, उसे ‘महावतार नरसिम्हा’ ने एक व्यापक और बहुप्रशंसित सिनेमाई अनुभव में बदल दिया है। यह फ़िल्म न सिर्फ़ व्यावसायिक रूप से सफल रही है, बल्कि एक सांस्कृतिक आंदोलन भी बन गई है। अब देखना यह है कि वीकेंड आने पर यह फिल्म 150 करोड़ के क्लब में कब शामिल होती है और क्या आने वाले समय में यह ‘बाहुबली’ और ‘केजीएफ’ जैसी फ्रेंचाइजी को टक्कर दे पाएगी। फ़िलहाल, एक बात तो तय है – ‘महावतार नरसिम्हा’ ने हिंदी सिनेमा को एक नई दिशा दी है।