भारत की दिग्गज आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस ) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में दुनिया की अग्रणी सेवा प्रदाता बनने के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप तैयार किया है। अपने हालिया ‘एनालिस्ट डे’ कार्यक्रम में कंपनी ने पारंपरिक डिजिटल सेवाओं से हटकर पूरी तरह एआई-केंद्रित व्यापार मॉडल अपनाने की घोषणा की। टीसीएस के इस नए विजन में पांच मुख्य स्तंभ शामिल हैं, जिनमें आंतरिक रूप से एआई को अपनाना, सेवाओं को एआई के साथ फिर से परिभाषित करना और पार्टनरशिप व अधिग्रहण के माध्यम से अपने इकोसिस्टम को बढ़ाना शामिल है। वर्तमान में कंपनी का एआई व्यवसाय लगभग १.५ बिलियन डॉलर (लगभग १२,५०० करोड़ रुपये) के वार्षिक राजस्व स्तर पर पहुंच चुका है, और इसके ८५% बड़े ग्राहक पहले से ही टीसीएस के एआई समाधानों का उपयोग कर रहे हैं।
शेयर बाजार में इस रणनीतिक घोषणा का सकारात्मक असर देखा गया और १८ दिसंबर २०२५ को टीसीएस के शेयरों में लगभग १% की बढ़त दर्ज की गई। कंपनी ने भविष्य के लिए २६-२८% का मार्जिन बनाए रखने और शेयरधारकों को अपने फ्री कैश फ्लो का ८०-१००% वापस करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई है। विभिन्न ब्रोकरेज हाउस ने टीसीएस के शेयर पर अपनी सकारात्मक राय दी है; मोतीलाल ओसवाल ने ₹५,००० का ‘बाय’ रेटिंग के साथ लक्ष्य दिया है, जबकि जेएम फाइनेंशियल ने ₹४,०६० और एमके ग्लोबल ने ₹३,९०० का टारगेट प्राइस तय किया है। करीब १.८ लाख कर्मचारियों को उन्नत एआई कौशल में प्रशिक्षित करने के साथ, टीसीएस अब वैश्विक स्तर पर एक बड़ी तकनीकी क्रांति का नेतृत्व करने के लिए तैयार दिख रही है।
