अग्रणी वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स ने छोटी पेट्रोल कारों को कड़े ‘कॉरपोरेट औसत ईंधन दक्षता’ (कैफे-३) मानकों से छूट देने के सरकारी प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है। १८ दिसंबर २०२५ को टाटा मोटर्स ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर आगाह किया कि वजन के आधार पर पेट्रोल कारों को छूट देने से देश का इलेक्ट्रिक वाहन मिशन कमजोर हो सकता है। कंपनी का तर्क है कि यदि छोटी कारों को रियायत दी गई, तो वाहन निर्माता स्वच्छ तकनीक अपनाने के बजाय पेट्रोल इंजनों पर ही ध्यान केंद्रित रखेंगे।
टाटा मोटर्स ने वाहन सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उनका मानना है कि वजन कम करने की होड़ में कंपनियां सुरक्षा सुविधाओं से समझौता कर सकती हैं, जिससे पिछले कुछ वर्षों में सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में हुई प्रगति को नुकसान पहुँच सकता है। आगामी कैफे-३ मानक अप्रैल २०२७ से लागू होने वाले हैं, जिनका उद्देश्य वाहनों से कार्बन उत्सर्जन को कम करना और ईंधन की खपत में सुधार लाना है।
