जमुई में मालगाड़ी हादसे के हाद पटना-हावड़ा रूट ठप हो गया है। जिसके चलते 14 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं और 18 ट्रेनों के रूट बदले गए हैं। रेलवे के अनुसार सोमवार सुबह तक ट्रैक क्लीयर होने की उम्मीद जताई जा रही है। पूर्व रेलवे के आसनसोल रेल मंडल अन्तर्गत जसीडीह-झाझा मुख्य रेल खंड के मध्य शनिवार रात करीब 11.30 बजे सीमेंट लदी मालगाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त होने के चलते पटना-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर परिचालन ठप हो गया है। हादसे के लगभग 20 घंटे बाद रविवार शाम सात बजे तक रेलवे की टीम ट्रैक से डिब्बों को हटाने में जुटी हुई थी। रेलवे के अनुसार सोमवार सुबह तक ट्रैक क्लीयर होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके चलते 14 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं और 18 ट्रेनों के रूट बदले गए हैं। मालगाड़ी आसनसोल से जसीडीह की ओर से अप ट्रैक पर सीतामढ़ी जा रही थी।
आसनसोल रेल मंडल की डीआरएम विनीता श्रीवास्तव स्वयं घटनास्थल पर कैंप कर रही हैं। अभी तक घटना के कारणों का पता नहीं चल सका है। फिलहाल राहत कार्य जारी हैं। सुरक्षा की दृष्टि से घटनास्थल पर धारा 144 लागू कर आम लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। जमुई के एसपी विश्वजीत दयाल ने भी मौके पर पहुंचकर घटना का जायजा लिया। हालांकि इस सर्द मौसम में ट्रेनों के रद्द होने और रूट बदलने से हजारों यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। जमुई जिले के जसीडीह-झाझा रेल खंड के मध्य लहाबन सिमुलतला के बीच टेलवा बाजार हॉल्ट के पास बड़ुआ नदी पर स्थित पुल संख्या 676 पर शनिवार की रात हुआ हादसा इतना भीषण था कि मालगाड़ी की कुल 42 बोगियों में से इंजन से सटी 19 बोगियां बेपटरी हो गईं। इनमें से आठ बोगियां बदुआ नदी में गिर गईं। इन्हें अभी तक नदी से निकाला नहीं जा सका है, जबकि चार बोगियां पुल और नदी के बीच लटकती रहीं। इसके अलावा दो बोगियां पुल के बीचों-बीच अप से डाउन ट्रैक की ओर चली गईं। अप ट्रैक की पटरी उखड़कर डाउन ट्रैक की ओर मुड़ गई।
इस हादसे के चलते अप-डाउन दोनों ट्रैक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही आसनसोल रेल मंडल के सभी संबंधित विभागों के अधिकारी और रेलकर्मी रात में ही मौके पर पहुंचे और युद्धस्तर पर राहत एवं बहाली कार्य शुरू कर दिया गया। ट्रैक से बोगियां हटाने के लिए पहले उनके अंदर भरे सीमेंट की बोरियों को खाली किया जा रहा है। दुर्घटनाग्रस्त बोगियों को हटाने के लिए दो भारी क्रेन और चार जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं। रेलवे सूत्रों के अनुसार शनिवार रात हादसे से कुछ ही मिनट पहले डाउन ट्रैक से पूर्वांचल एक्सप्रेस गुजर चुकी थी। यदि ट्रेन कुछ मिनट देर से गुजरती तो रेल इतिहास में एक और काला अध्याय जुड़ सकता था। फिलहाल रेल प्रशासन द्वारा बहाली कार्य तेज़ी से जारी है और यात्रियों से वैकल्पिक व्यवस्थाओं का सहयोग करने की अपील की गई है। सोमवार की सुबह तक रेल परिचालन शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
