प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने किंगफिशर एयरलाइंस के पूर्व कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित वेतन और बकाये के भुगतान के लिए ₹३११.६७ करोड़ की राशि जारी करने का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। ऋण वसूली न्यायाधिकरण (डीआरटी) ने भारतीय स्टेट बैंक की उस याचिका को स्वीकार करते हुए यह आदेश जारी किया, जिसमें बैंक ने जब्त की गई संपत्तियों से प्राप्त धन पर सुरक्षित लेनदारों के दावों के बजाय कर्मचारियों के बकाये को प्राथमिकता देने की सहमति दी थी। यह पूरी प्रक्रिया विजय माल्या और उनकी कंपनी से जुड़ी संपत्तियों की कुर्की और नीलामी के माध्यम से संभव हो पाई है, जिसे ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत बहाल किया था।
यह भुगतान उन हजारों कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत है जो सालों से अपनी मेहनत की कमाई का इंतजार कर रहे थे। ईडी की जांच में यह सामने आया था कि एयरलाइंस के लिए लिए गए ऋण का बड़ा हिस्सा अन्य कर्जों को चुकाने और विमान के पुर्जों के नाम पर विदेशों में भेजने के लिए डायवर्ट किया गया था। इस मामले में अब तक लगभग ₹१४,१३२ करोड़ की संपत्तियां बैंकों को वापस सौंपी जा चुकी हैं। ताजा फैसले के अनुसार, यह धनराशि अब आधिकारिक परिसमापक को हस्तांतरित की जाएगी, जो इसे सभी पात्र पूर्व कर्मचारियों के खातों में वितरित करेंगे।
