भारतीय रुपया बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर छह सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ से जुड़े विदेशी निवेश और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के समर्थन ने रुपये को मजबूती दी। कारोबार के दौरान रुपया 94.43 प्रति डॉलर के स्तर तक पहुंचा और अंत में 0.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ 94.46 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। जियो प्लेटफॉर्म्स का 3.2 अरब डॉलर का आईपीओ 21 अक्टूबर को खुला और इसे निवेशकों से जोरदार प्रतिक्रिया मिली। विदेशी निवेशकों की ओर से डॉलर की आपूर्ति बढ़ने से रुपये को सहारा मिला, जबकि RBI द्वारा विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप ने भी इसकी गिरावट को रोकने में मदद की।
हालांकि, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और मध्य पूर्व में तनाव के कारण रुपये की आगे की बढ़त को लेकर सावधानी बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.3 प्रतिशत बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई, जिससे भारत के आयात बिल और रुपये पर दबाव बढ़ने की आशंका है। इसी दौरान भारतीय शेयर बाजार में भी गिरावट दर्ज की गई और निफ्टी 50 लगभग 0.7 प्रतिशत नीचे रहा। विशेषज्ञों के अनुसार, जियो के आईपीओ से आने वाला विदेशी निवेश निकट भविष्य में रुपये को समर्थन दे सकता है, लेकिन तेल की कीमतों में लगातार तेजी और वैश्विक अनिश्चितता इसकी मजबूती को सीमित कर सकती है। अब बाजार की नजर RBI की मौद्रिक नीति बैठक के विवरण और महंगाई से जुड़े आंकड़ों पर भी रहेगी।
