अडाणी पावर लिमिटेड ने वित्त वर्ष २०३१-३२ तक अपनी स्थापित उत्पादन क्षमता के लक्ष्य को बढ़ाकर ४१.८७ गीगावाट कर दिया है। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कंपनी लगभग २,००,००० करोड़ रुपये का भारी पूंजीगत निवेश करेगी। वर्तमान में कंपनी की उत्पादन क्षमता १८.१५ गीगावाट है, जिसका अर्थ है कि २३.७२ गीगावाट की नई परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इन परियोजनाओं के लिए जमीन का अधिग्रहण पहले ही किया जा चुका है और मुख्य उपकरणों के ऑर्डर भी दिए जा चुके हैं।
देश में बढ़ती बिजली की मांग को देखते हुए कंपनी ने यह आक्रामक विस्तार योजना तैयार की है। भारत की वर्तमान बिजली मांग लगभग २५० गीगावाट है, जिसके २०३१-३२ तक ४०० गीगावाट और २०४७ तक ७०० गीगावाट से अधिक होने का अनुमान है। औद्योगिक विकास और शहरीकरण के कारण बढ़ती इस मांग को पूरा करने के लिए अडाणी पावर ने पहले के ३०.६७ गीगावाट के लक्ष्य को संशोधित कर काफी बढ़ा दिया है। यह कदम देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और बिजली आपूर्ति के बड़े अनुबंधों को हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
