१६ वर्षों का अनुभव रखने वाले एक प्रमुख न्यूरोलॉजिस्ट ने चेतावनी दी है कि सर्दियों का मौसम केवल सर्दी-जुकाम या फ्लू तक सीमित नहीं है, बल्कि इस दौरान ब्रेन स्ट्रोक का जोखिम काफी बढ़ जाता है। ठंड के कारण शरीर की रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) अचानक बढ़ सकता है और मस्तिष्क में रक्त के थक्के जमने की संभावना पैदा होती है। डॉक्टर के अनुसार, तापमान में गिरावट आने पर शारीरिक सक्रियता कम हो जाती है और खान-पान में लापरवाही बढ़ती है, जो उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाकर स्ट्रोक का मुख्य कारण बनती है।
इस गंभीर खतरे से बचने के लिए विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोगों को सर्दियों में अपने शरीर को गर्म रखना चाहिए और अचानक अत्यधिक ठंड के संपर्क में आने से बचना चाहिए। नियमित रूप से रक्तचाप की जांच करना, हल्का व्यायाम करना और संतुलित आहार लेना बेहद जरूरी है। यदि किसी व्यक्ति को चेहरे का टेढ़ापन, हाथ-पैरों में कमजोरी या बोलने में कठिनाई जैसे लक्षण महसूस हों, तो उसे बिना देरी किए तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए। समय पर इलाज मिलने से स्ट्रोक के कारण होने वाली स्थायी विकलांगता या मृत्यु के जोखिम को काफी कम किया जा सकता है।
