January 30, 2026
bihar (1)

जमशेदपुर को-आपरेटिव कालेज की ओर से आयोजित 48वें इनवायरमेंटल म्यूटाजेन सोसाइटी आफ इंडिया (इएमएसआइ) के वार्षिक बैठक व अंतराष्ट्रीय सेमिनार का उद्घाटन एक्सएलआरआइ में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने गुरुवार को किया। यह काफी गर्व और बधाई का पात्र है कि कालेज के स्थापना के बाद पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर का सम्मेलन हो रहा है। आज बढ़ते औद्योगीकारण एवं शहरीकरण के कारण प्रदूषण की स्थिति बढ़ रहीं है। शरीर पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पढ़ रहा है। इसका सीधा साधा असर दिल्ली जैसे शशहरों में देखने को मिल रहा है। दिल्ली वाले लोग ही बता सकते हैं प्रदूषण से उनका क्या हाल हो रहा है। एेसे समय में को-आपरेटिव कालेज का सेमिनार का विषय काफी सारगर्भित है।  इस अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में आनुवांशिक गुणों में बदलाव, डीएनए की प्रकृति और उसके स्वास्थ्य एवं पर्यावरण पर प्रभाव विषय पर आयोजित यह विषय पर्यावरणीय समस्या एवं बढ़ते प्रदूषण के कारण हो रही समस्या के समाधान पर चर्चा होगी।

इसमें जो निष्कर्ष निकलेगा मानव कल्याण के लिए काम आयेगा। इसका समाज को प्रत्यक्ष रूप से मिल सके, इस दिशा में यह सेमिनार है। राज्यपाल ने कहा कि इस सेमिनार में उपस्थित वैज्ञानिक एवं शोधकर्ता अपने ज्ञान एवं अनुसंधान को समाज के हित की दिशा में कार्य करें। झारखंड के विश्वविद्यालयों में शोध की दिशा में गुणवत्तापूर्ण प्रयास हाे रहे हैं। विश्वविद्यालयों एवं कालेजों को समाज की समस्याओं के समाधान के अध्ययन का केंद्र बनना चाहिए। प्रधानमंत्री के विकसित भारत के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए स्वस्वथ समाज एवं स्वस्थ्य पर्यावरण आवश्यक है। इस दिशा में शोधार्थी अनुसंधान लगातार करते रहे। नवाचार और शोधकार्ता के लिए यह सेमिनार लाभदायक साबित होगा। उद्घाटन सत्र में स्वागत भाषण को-आपरेटिव कालेज के प्राचार्य सह सेमिनार के अध्यक्ष डा. अमर कुमार सिंह ने किया।

इएमएसआइ के अध्यक्ष वाणी प्रिया गांगुली ने संस्था के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि संस्था में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक जुड़े हुए हैं, जो लगातार पर्यावरण एवं स्वास्थ्य की समस्याओं के समाधान की ओर दिशा में कार्य कर रहे हैं। हमारी सोच है हर मनुष्य स्वस्थ्य रहें। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह कांफ्रेंस सफल होगा और शिक्षा, स्वास्थ्य, शोध की दिशा में नया अध्याय लिखेगा। कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डा. अंजिला गुप्ता ने कहा कि विषय का चयन सामयिक है। यह सेमिनार पर्यावरण, जैव विविधता और डीएनए में हो रहे आश्चर्य बदलाव को हम सभी के सामने रखेगा। कैंसर, एंटी कैंसर को भी सामने रखेगा। कैंसर थेरेपी के नए युग की बात करेगा। डायबिटीस व कृषि के नए समस्याओं की तकनीकी समाधान की दिशा में यह सेमिनार बेहतर साबित होगा।

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