
मनेर थाना क्षेत्र के आजाद नगर से तीन दिनों पूर्व स्वापत १० जीय बच्ची का शव एक पेड़ से लटका हुआ गुरुवार को बरामद किया गया। शव मिलने की सूचना पर ग्रामीणों और स्वजनों की भीड़ लग गई। शव की पहचान आजाद नगर निवासी अमर राय की 10 वर्षीय बच्ची शिवानी कुमारी के रूप में हुई। पेड़ के सहारे शव सीधे ही जमीन से शकनी की फाइल रूपता था। ग्रामीण हत्या करने के बाद शाम को पेड़ से लटकाने की बात कह रहे थे। जानकारी मिलने पर हजारों की भीड़ रतन टोला मार्ग पर स्थित मंदिर के समीप बगीचे में पहुंच गई। आक्रोशित लोग राष्ट्रीय राजमार्ग-३० पर आजाद नगर के समीप आगजनी करते हुए जाम कर दिया। लगभग पांच घंटे तक हंगामा के कारण सड़क पर वाहनों की कतार लग गई। आक्रोशित लोग ‘हत्या के आरोपितों की गिपपलारी की मांग कर रहे थे। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया।
जानकारी के अनुसार, मनेर थाना क्षेत्र के आजाद नगर निवासी अमर राय की 10 वर्षीय पुत्री शिवानी कुमारी तीन दिनों पूर्व अपने दादी के साथ जंगल में लकड़ी चुनने गई थी। इसी के बाद से लापता हो गई थी। दादी और उसके स्वजन लगातार दो दिनों से बच्ची की खोजबीन कर रहे थे। जिस बगीचा के पास से लड़की गायब हुई थी वहां भी काफी खोजा गया, लेकिन वह नहीं मिली। गुरुवार की अल सुबह एक मछली मारने वाले ने सूचना दी की एक बच्ची का शव पेड़ से लटका हुआ है। इसके बाद लोग पहुंचे तो बच्ची की पहचान की। सूचना के बाद सिटीएसपी पश्चिम भानु प्रताप सिंह, डीएसपी 2 अमरेंद्र कुमार झा, एसएफएल की टीम, श्वान दस्ता ने पहुंचकर छानबीन की। पुलिस का कहना है पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मामले का पर्दाफाश हो सकेगा। बच्ची दो बहनें थी। मां का लगभग पांच वर्ष पूर्व निधन हो गया था।
वीडियो व फोटो बनाने पर ग्रामीणों ने की पत्थरबाजी बच्ची की हत्या के बाद लोगों में इतना आक्रोश था कि जाम स्थल पर जो भी पत्रकार वीडियो या फोटो बनाते रहे थे उन पर पत्थर बरसाने लगे। स्वजनों का आरोप था कि थाने में जब हमलोग गुमशुदगी का मामला दर्ज करने गए तो पुलिस ने भगा दिया। मौके पर पहुंचे विधायक भाई वीरेंद्र ने प्रशासन को आहे हाथों लेते हुए कहा कि सूचना मिलने पर पुलिस हरकत में आती तो शायद बच्ची जिंदा मिलती। कौन थे लकड़ी का गठरी उठाने वाले चार लोग सुनसान बगीचे में दादी के साथ लकड़ी चुनने गई बच्ची के गठरी के मंडेल को एक बार चार की संख्या में रहे लोगों ने उठाकर उसे भेज दिया था। इसके बाद वह दादी के पास सड़क पर लकड़ी का गठरी छोड़कर वावस फिर से बगीचे की ओर लकड़ी चुनने गई थी। बच्ची ने अपनी दादी को बताया था कि चार लोग है यहां जो बंडल को उठाकर सिर पर रखा देंगे, लेकिन वह वापस नहीं लेटी।