ङ्क्षसहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने राज्य सरकार की ओर से वित्त वर्ष 2026-27 के लिए करीब 1.58 लाख करोड़ का बजट प्रस्तुत किए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए बजट में कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं शिक्षा पर दिए गए फोकस का स्वागत किया है, साथ ही औद्योगिक विकास एवं राजस्व सुदृढ़ीकरण के क्षेत्र में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया है। चैम्बर अध्यक्ष मानव केडिया ने कहा कि बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने, कृषि ऋण राहत, एमएसएमई को प्रोत्साहन तथा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है, जो सकारात्मक पहल है. प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा के लिए बड़े आवंटन, नए विद्यालयों की स्थापना, स्वास्थ्य क्षेत्र में बजट वृद्धि स्वागतयोग्य है।
750 नए स्वास्थ्य केंद्र (अबुआ दवाखाना), कैंसर उपचार के लिए 200 करोड़ का प्रावधान तथा सदर अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज में विकसित करने की योजना राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करेगी. उन्होंने कहा कि टाटा लीज एरिया में रजिस्ट्री प्रारंभ किए जाने से राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है. झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है, अत: खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक एवं पारदर्शी उपयोग से राज्य की आर्थिक स्थिति को और सुदृढ़ किया जा सकता है. महासचिव पुनीत कावंटिया ने ने कहा कि राज्य के दीर्घकालिक विकास के लिए बड़े एवं मध्यम उद्योगों की स्थापना अनिवार्य है. वर्तमान में छोटे-छोटे भूखंडों में भूमि उपलब्ध कराने के बजाय एक स्थान पर 400-500 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने की नीति अपनाइी जानी चाहिए। उपाध्यक्ष अधिवक्ता राजीव अग्रवाल ने कहा कि चैम्बर की ओर से बजट पूर्व सरकार को जो सुझाव दिए गए थे, उनमें से कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल नहीं किया गया. राज्य को एक प्रभावी, उद्योगोन्मुख एवं निवेश-अनुकूल औद्योगिक नीति लानी होगी. प्रोफेशनल टैक्स के सरलीकरण की भी अपेक्षा थी, जिस पर ध्यान नहीं दिया गया. सचिव अंशुल रिंगसिया ने कहा कि बजट 2026-27 राज्य के समावेशी और संतुलित विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
इस बजट में महिलाओं, विशेषकर महिला किसानों, युवाओं, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र को प्राथमिकता देना सराहनीय है. महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, कृषि क्षेत्र को मजबूती, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विस्तार व स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान राज्य की दीर्घकालिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण सिद्ध होगा. यह बजट सामाजिक सरोकार और आर्थिक विकास के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास करता है. यदि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाता है, तो यह बजट राज्य के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित हो सकता है. उपाध्यक्ष हर्ष बाकरेवाल ने कहा कि पर्यटन विकास की योजनाओं में कोल्हान क्षेत्र की संभावनाओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। जबकि कोल्हान में प्राकृतिक, धार्मिक एवं इको-टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं, जिनसे स्थानीय रोजगार और व्यापार को बढ़ावा मिल सकता है।
