
बोरिंग रोड स्थिति कस्तूरबा पथ स्थित एक हॉस्टल में रहकर बीपीएससीं की तैयारी कर रही छात्रा ने फंदे से लटक आत्महत्या कर ली। छात्रा खुशी कुमारी नवादा के नारदीगंज की रहने वाली थी। पिछले एक साल से हॉस्टल में रहकर बीपीएससी की तैयारी कर रही थी। घटना की जानकारी मिलने पर एसकेपुरी पुलिस पहुंची और गेट तोड़कर शव को निकाला। बाद में पोस्टमार्टम के लिए शव पीएमसीएच भेज दिया गया। सचिवालय डीएसपी-2 साकेत कुमार ने बताया कि इस संबंध में छात्रा की मां ने आवेदन देने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि मुझे कोई केस नहीं करना है। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों के हवाले कर दिया गया है।
एसकेपुरी पुलिस के मुताबिक, सुबह में नाश्ता के लिए हॉस्टल संचालक ने सभी छात्रा को उठाया। गेट खटखटाने के बाद भी जब खुशी कुमारी के कमरे से कोई आवाज नहीं आई तो उन्हें शक हुआ। इसके बाद संचालक ने खुशी की मां को फोन लगाया। उन्होंने कहा कि मैं आ रही हूं। इसके बाद पुलिस भी पहुंची और मां के सामने ही पुलिस ने दरवाजा तोड़ने के बाद कमरे में फंदे मे लटकी खुशी के शव उतारा। संचालक ने बताया कि कमरे में दो लोगों की रहने की व्यवस्था थी, फिलहाल उसमें सिर्फ खुशी रहती थी।
माता-पिता सरकारी सेवक :
खुशी पिछले एक साल से पटना में हॉस्टल में रह बीपीएससी की तैयारी कर रही थी। बताया जाता है कि खुशी की मां सरकारी शिक्षिका हैं। वहीं पिता भी सरकारी कर्मचारी हैं। सुसाइड नोट में छात्रा ने लिखा… मां, तुम्हारे भरोसे पर नहीं उतर पाई पुलिस ने जब दरवाजा तोड़ा तो कमरे से एक सुसाइड नोट मिला। पुलिस के मुताबिक सुसाइड में खुशी ने लिखा था कि मैं तुम्हारे भरोसे पर नहीं उतर पाई। बीपीएससी नहीं निकल पाएगा मां… मैं बहुत परेशान हो गई हूं। अब बर्दाश्त नहीं हो रहा।