टाटा स्टील जूलोजिकल सोसायटी का स्थापना दिवस टाटा स्टील जूलोजिकल पार्क में सामूहिक सहभागिता की भावना के साथ मनाया गया। इस सोसाइटी की स्थापना 16 जनवरी,1990 को दिवंगत रूसी मोदी की ओर से किया गया था, वन्यजीव संरक्षण, शिक्षा व जन सहभागिता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। कार्यक्रम की शुरुआत केक कटिंग समारोह के साथ हुई, जिसे संयुक्त रूप से टीएसजेडएस वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष रघुनाथ पांडेय, टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क के निदेशक डा. नईम अख्तर व टीएसजेडएस के एचआर सदस्य विकास कुमार ने संपन्न किया. इस मौके पर रघुनाथ पांडेय व डा. नईम अख्तर ने कार्य में समर्पण, अनुशासन, निष्ठा और ईमानदारी के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने सभी कर्मचारियों से टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क की गरिमा व प्रतिष्ठा को और ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयास करने व चिडिय़ाघर की प्रगति के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का आह्वान किया. उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि चिडिय़ाघर के उद्देश्य केवल आगंतुकों के मनोरंजन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रकृति संरक्षण व वन्य जीव प्रजातियों की सुरक्षा जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी इसके मूल में शामिल हैं. इस मौके परप करीम सिटी कॉलेज के जूलॉजी व बॉटनी विभाग के 80 स्नातक छात्रों को जिन्होंने चिडिय़ाघर में अपना इंटर्नशिप कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा किया था, प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया. इस दौरान छात्रों ने इंटर्नशिप के दौरान मिले अनुभवों व सीख को साझा किया, वन्यजीव प्रबंधन, संरक्षण से जुड़े व्यावहारिक ज्ञान व अवसरों के लिए आभार जताया।
इस मौके पर उत्कृष्ट योगदान और समर्पित सेवाओं के लिए समरंजन महतो को बेस्ट एम्प्लॉयी ऑफ द ईयर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. वहीं कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने और प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से बेस्ट न्यूकमर एम्प्लॉयी अवॉर्ड क्वेस कॉर्प लिमिटेड के कर्मचारी विश्वजीत मजूमदार को प्रदान किया गया। इस अवसर को यादगार बनाने व कर्मचारियों के बीच आपसी सौहार्द को बढ़ावा देने के लिए एक स्टाफ पिकनिक का भी आयोजन किया गया। इस आयोजन ने संरक्षण, शिक्षा व उत्कृष्ट चिडिय़ाघर प्रबंधन के प्रति टीएसजेडएस की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को एक बार फिर सुदृढ़ किया।
