दक्षिण पूर्व रेलवे के सीकेपी डिवीजन में ट्रेनों के लगातार घंंटो से परिचालन होने से यात्रियों को कुछ महीने से हो रही परेशानी के विरोध में जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय के नेतृत्व में टाटानगर स्टेशन के प्रवेश गेट के पास धरना प्रदर्शन किया गया. वहीं धरनास्थल पर सीकेपी डिवीजन के सीनियर डीसीएम आदित्य चौधरी पहुंचे. उन्होंने कहा कि रेलवे यात्रियों की परेशानी को पूरी तरह से समझ रहे हैं जिसके समाधान के लिए अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक ईमानदारी से काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सोमवार की रात करीब दो बजे तक डीआरएम तरुण हुरिया के साथ वे भी डिवीजन कार्यालय में ट्रेनों की मॉनिटरिंग करने व इसमें सुधार को लेकर काम कर रहे थे।
उन्होंने नई तकनीक व भविष्य में मिलने वाली नई सुविधाओं के बारे जानकारी दी. उन्होंने कहा कि वर्तमान में कुछ आधारभूत व तकनीकी चुनौतियों के कारण ट्रेनों की समयबद्धता प्रभावित हो रही है, लेकिन इन समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए रेलवे युद्धस्तर पर काम कर रहा है. रेलवे के सभी कर्मचारी व अधिकारी सातों दिन 24 घंटे निगरानी रखते हुए ट्रेनों के संचालन को सुचारु बनाने में लगे हुए हैं. उन्होंने कहा कि संतरागाछी व आदित्यपुर स्टेशनों पर नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य पूरा किया गया है, जिससे तीसरी लाइन की कनेक्टिविटी आसानबनी से सलगाजुड़ी तक स्थापित हो चुकी है, हालांकि टाटानगर स्टेशन पर फिलहाल प्लेटफॉर्म और लाइनों की कमी के कारण ट्रेनों के संचालन पर दबाव बना हुआ है। खडग़पुर दिशा में केवल दो और आदित्यपुर दिशा में तीन प्लेटफॉर्म होने से ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित होती है।
उन्होंने कहा कि जल्द ही टाटानगर में भी एनआई कार्य शुरू किया जाएगा, जिसके बाद तीसरी लाइन की कनेक्टिविटी झारसुगुड़ा तक विस्तारित होगी जिससे ट्रेनों के संचालन में बड़ा सुधार आने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि बिराजपुर, सिनी, कांड्रा, हल्दीपोखर व बिरीबांस—पर अतिरिक्त लूप लाइनों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे मालगाडिय़ों व यात्री ट्रेनों के संचालन को अलग-अलग और सुगम बनाया जा सके. उन्होंने कहा कि सीकेपी डिवीजन से होकर दानकुनी से सूरत तक लगभग 1,868 किलोमीटर लंबे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण से भविष्य में बड़ा बदलाव आएगा। इसके शुरू होने पर मालगाडिय़ों के लिए अलग ट्रैक उपलब्ध होगा, जिससे यात्री ट्रेनों की देरी में भारी कमी आएगी।
