एक्सएलआरआई दिल्ली-एनसीआर की ओर से तीन दिवसीय ग्लोबल बैंकिंग एंड फाइनेंस कॉन्फ्रेंस 2026 को आयोजन किया गया जिसमें दुनिया भर के जाने-माने स्कॉलर्स, फाइनेंशियल सेक्टर के लीडर्स, रेगुलेटर्स व रिसर्चर्स जुटे. उन्होंने बैंकिंग व फाइनेंस के भविष्य को आकार देने वाले उभरते ट्रेंड्स, रिस्क व मिलने वाले मौके पर चर्चा की. कांफ्रेेंस मेंं हार्वर्ड यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड व लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स जैसे प्रमुख इंस्टीट्यूशन्स से 175 से ज्यादा रिसर्च पेपर प्रस्तुत किए गए जिनमें बेहतर इंटरनेशनल रिस्पॉन्स देखा गया।
कांफ्रेंस में 24 थीम वाले सेशन में 73 हाई इम्पैक्ट पेपर्स पेश किए गए, जिसमें फाइनेंस में एआई व एमएल माइक्रोफाइनेंस व फाइनेंशियल इनक्लूजन, क्लाइमेट रिस्क, श्वस्त्र व बैंकरप्सी जैसे विषयों को रखा गया. वहीं पैनल डिस्कशन मेंं प्रो. जॉन एच. कोक्रेन (स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी), प्रो. विकास अग्रवाल (जॉर्जिया स्टेट यूनिवर्सिटी), प्रो. मार्सिन कैस्परजकि (इंपीरियल कॉलेज लंदन) व प्रो. मधु कलिमिपल्ली (विल्फ्रिड लॉरियर यूनिवर्सिटी, कनाडा) शामिल थे. सेमिनार में अतिथि के रूप में भाग ले रहे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक अश्विनी कुमार तिवारी व सेबी के होल टाइम मेंबर अमरजीत सिंह शामिल हुए।
उन्होंने सोशल मीडिया व एआई के जमाने में एक मजबूत व सबको साथ लेकर चलने वाला फाइनेंशियल इकोसिस्टम बनाने पर प्रैक्टिशनर और रेगुलेटरी पर जोर दिया. वहीं शाम में पद्मश्री डा. महाबीर गुड्डू के ग्रुप ने बेहतर प्रस्तुति दी. उन्होंने दिल को छू लेने वाले हरियाणवी लोकगीतों से दर्शकों का मन मोह लिया. इस मौके एक्सएलआरआई दिल्ली एनसीआर कार्यकारी निदेशक फादर नेल्सन ए डीसिल्वा एस जे ने कहा कि ग्लोबल बैंकिंग एंड फाइनेंस कांफ्रेंस को जबरदस्त रिस्पांस मिला है. रिसर्च प्रेजेंटेशन, कीनोट इनसाइट्स व क्रॉस-सेक्टर डायलॉग्स ने फाइनेंशियल स्कॉलरशिप को आगे बढ़ाने, एविडेंस-ड्रिवन पॉलिसीज की जानकारी देने व ग्लोबल बैंकिंग व फाइनेंस में सस्टेनेबल प्रैक्टिसेज को बढ़ावा की जानकारी दी गई।
