रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआइएल) के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने ‘रिलायंस एआई घोषणा पत्र’ का मसौदा पेश किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य समूह को कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित एक उन्नत प्रौद्योगिकी उद्यम बनाना है। इस योजना के तहत कंपनी के ६ लाख से अधिक कर्मचारियों की उत्पादकता में १० गुना सुधार करने और भारतीय अर्थव्यवस्था पर १० गुना गहरा प्रभाव डालने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। अंबानी ने एआई को मानव इतिहास का सबसे प्रभावशाली तकनीकी विकास बताया है और वे चाहते हैं कि रिलायंस भारत की एआई क्रांति का उसी तरह नेतृत्व करे जैसे उसने देश के डिजिटल रूपांतरण में किया था।
इस पहल का संकल्प ‘हर भारतीय के लिए आसानी से एआई’ उपलब्ध कराना है, जिसमें सुरक्षा, भरोसे और जवाबदेही को सर्वोपरि रखा जाएगा। तेल क्षेत्र से लेकर खुदरा और दूरसंचार तक फैले रिलायंस समूह के सभी व्यवसायों में एआई को गहराई से समाहित किया जाएगा। अंबानी के अनुसार, इस तकनीकी विकास का उद्देश्य न केवल व्यावसायिक दक्षता बढ़ाना है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि अत्याधुनिक तकनीक का लाभ समाज के हर वर्ग तक सुरक्षित रूप से पहुँच सके।
