भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने स्पष्ट किया है कि केंद्रीय बैंक आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में हाल ही में सामने आए धोखाधड़ी के मामले और उससे जुड़ी गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि नियामक संस्था बैंकिंग प्रणाली की शुचिता बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क है और बैंक के आंतरिक नियंत्रणों की गहन समीक्षा की जा रही है। गवर्नर ने इस बात पर जोर दिया कि जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा करना और वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस धोखाधड़ी के उजागर होने के बाद, बैंक के शेयरों और बाजार की धारणा पर पड़ने वाले प्रभावों का भी आकलन किया जा रहा है। आरबीआई ने बैंक प्रबंधन को निर्देश दिया है कि वे इस मामले में पारदर्शी जांच सुनिश्चित करें और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अपने सुरक्षा प्रोटोकॉल को और अधिक मजबूत करें। मल्होत्रा ने यह भी संकेत दिया कि यदि जांच में कोई गंभीर चूक पाई जाती है, तो नियामक उचित दंडात्मक कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा ताकि बैंकिंग क्षेत्र में जनता का भरोसा कायम रहे।
