सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की ओर से बिष्टुपुर स्थित चैम्बर भवन में सैरात बाजार के दुकानदारों की आपात बैठक हुई जिसमें जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) के सैरात बाजार की दुकानों के भाड़े में की गई बढ़ोतरी पर विस्तार से चर्चा की गई. दुकानदारों ने एक स्वर में जेएनएसी द्वारा लिए गए इस एकतरफा निर्णय की कड़ी निंदा की. व्यापारियों का कहना था कि भाड़ा बढ़ोतरी जैसे महत्वपूर्ण निर्णय से पूर्व दुकानदारों को विश्वास में लिया जाना चाहिए था. बैठक में यह भी तय किया गया कि इस विषय पर चैंबर का प्रतिनिधिमंडल जिला प्रशासन से मिलकर व्यापारियों की समस्याओं व भावनाओं से अवगत कराएगा व व्यवहारिक व अनुकूल समाधान की मांग करेगा।
चैम्बर में हुई बैठक में भाड़ा निर्धारण, लीजधारक का दर्जा, मरम्मत व संशोधन की अनुमति, नामांतरण, स्पष्ट लिखित नियमावली अंतरिम व्यवस्था जैसे मुख्य बिन्दुओं पर विस्तार से चर्चा की गई. व्यापारियों ने सैरात बाजार के समुचित विकास के लिए बुनियादी सुविधाओं, मरम्मत व आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया. इस मौके पर चैम्बर अध्यक्ष मानव केडिया, महासचिव पुनीत कावंटिया, उपाध्यक्ष अनिल मोदी समेत अन्य व्यापारी मौजूद थे।
किसी निर्णय से पहले हितधारकों को विश्वास में लेना जरूरी: मानव केडिया
चैम्बर अध्यक्ष मानव केडिया ने कहा कि सैरात बाजार के व्यापारियों के साथ हुए विचार-विमर्श के बाद यह स्पष्ट है कि भाड़ा बढ़ोतरी का वर्तमान निर्णय न केवल असंगत है, बल्कि व्यापारियों की भावनाओं के विपरीत भी है. चैंबर का स्पष्ट मत है कि किसी भी प्रकार का निर्णय सभी हितधारकों को विश्वास में लेकर ही किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि एक पारदर्शी, लिखित व दीर्घकालिक नीति बनाकर ही भाड़ा निर्धारण किया जाना चाहिए. जब तक नई व्यवस्था तय नहीं होती, पुराने दर से ही भाड़ा लिया जाना उचित होगा. उन्होंने कहा कि चैम्बर व्यापारियों के हित के लिए खड़ा रहता।
