रविवार की दोपहर सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स समेत अन्य व्यापारिक व सामाजिक संगठनों की बिष्टुपुर स्थित चैम्बर भवन में जमशेदपुर के प्रसिद्ध उद्यमी श्री देवांग गांधी के सुपुत्र कैरव गांधी के विगत पांच दिनों से लापता होने की गंभीर घटना को बैठक आयोजित की गई. बैठक में जमशेदपुर के अलग-अलग संगठनों के प्रतिनिधियों व लोगों ने भाग लेकर इस संवेदनशील विषय पर गहरी चिन्ता व्यक्त की। बैठक में सभी संगठनों ने एक स्वर में कहा कि उन्हें जमशेदपुर पुलिस प्रशासन, विशेषकर एसएसपी, सिटी एसपी एवं उनकी पूरी टीम पर पूर्ण विश्वास है और यह आशा व्यक्त की कि पुलिस प्रशासन शीघ्र ही कैरव गांधी को सकुशल खोज निकालने में सफल होगा। इस मौके पर लोगों ने ईश्वर से प्रार्थना की कि प्रशासन को इस कठिन कार्य में शक्ति एवं सफलता प्रदान हो।
इस मौके पर चैम्बर अध्यक्ष मानव केडिया ने कहा कि इस कठिन समय में सिंहभूम चैंबर पूरी मजबूती से गांधी परिवार के साथ खड़ा है, जिस प्रकार देश की सीमाओं पर किसी भी प्रकार की घटना होने पर हम पूरी निष्ठा व विश्वास के साथ देश की सेना पर भरोसा रखते हैं, उसी प्रकार राज्य में घटित किसी भी संवेदनशील मामले में हमें राज्य के पुलिस प्रशासन पर भी पूर्ण विश्वास बनाए रखना चाहिए. चैंबर इस विषय में प्रशासन एवं परिवार के साथ समन्वय बनाते हुए आगे की आवश्यक रणनीति और कदम तय करेगा. उपाध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल गोल्डी ने कहा कि यह मामला अत्यंत गंभीर है और राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक व आईजी स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों को इस विषय में हस्तक्षेप करने की आवश्यकता है जिससे कैरव गांधी को शीघ्र एवं सुरक्षित रूप से उनके परिवार को सौंपा जा सके।
चैंबर के पूर्व अध्यक्ष श्री उमेश कौंतिया ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की घटनाएं झारखंड के शिक्षित युवाओं एवं बच्चों को अपने ही राज्य में वापस आने से हतोत्साहित करती हैं, जो प्रदेश के भविष्य के लिए गंभीर विषय है. पूर्व अध्यक्ष विजय आनंद मूणका ने कहा कि हमें पुलिस प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्यों पर विश्वास बनाए रखना चाहिए। प्रशासन अपना दायित्व पूरी निष्ठा से निभा रहा है, अत: इस समय किसी भी प्रकार के आंदोलन या धरना-प्रदर्शन से बचते हुए सहयोग की भावना से कार्य करना चाहिए. इस मौके पर चैम्बर अध्यक्ष मानव केडिया, उपाध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल गोल्डी, अनिल मोदी, अधिवक्ता राजीव अग्रवाल, हर्ष बाकरेवाल, सचिव भरत मकानी, अंशुल रिंगसिया, विनोद शर्मा, कोषाघ्यक्ष सीए अनिल रिंगसिया, अरुण आदि मौजूद थे।
