बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के पूर्व महासचिव और एशियाई क्रिकेट परिषद के पूर्व सीईओ सैयद अशरफुल हक ने मुस्तफिजुर रहमान और टी२० विश्व कप को लेकर जारी विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने खेल प्रशासन में बढ़ते राजनीतिक हस्तक्षेप की आलोचना करते हुए इसे ‘हास्यास्पद’ करार दिया। हक ने सवाल उठाया कि क्या मुस्तफिजुर की जगह लिट्टन दास या सौम्य सरकार जैसे खिलाड़ी होते, तो भी क्या उनके साथ वैसा ही व्यवहार किया जाता? उन्होंने जोर देकर कहा कि खेल को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए और अनुभवी प्रशासकों की कमी के कारण आज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की गरिमा प्रभावित हो रही है।
अशरफुल हक ने यह भी सुझाव दिया कि यदि सुरक्षा कारणों से बांग्लादेश की टीम भारत में खेलने को लेकर सहज नहीं है, तो मैचों को श्रीलंका स्थानांतरित करना एक बेहतर समाधान हो सकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गौरव वित्तीय लाभ से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, परिपक्व नेतृत्व की अनुपस्थिति में क्रिकेट का पूरा पारिस्थितिकी तंत्र राजनेताओं द्वारा ‘हाईजैक’ कर लिया गया है, जिन्हें खेल की बारीकियों की समझ नहीं है। यह विवाद न केवल खिलाड़ियों के करियर को प्रभावित कर रहा है, बल्कि आगामी टी२० विश्व कप जैसे बड़े आयोजन के लिए भी मुश्किलें खड़ी कर रहा है।
