January 19, 2026
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खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए शनिवार, 10 जनवरी का दिन बेहद खास होने जा रहा है। इस दिन एक महत्‍वपूर्ण खगोलीय घटना होने जा रही है, जिसमें परिक्रमा करते हुए सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह बृहस्पति (जुपिटर), हमारा ग्रह पृथ्‍वी और सूर्य तीनों एक सरल रेखा (सीध) में आ रहे हैं, जिससे बृहस्‍पति हमसे नजदीक होने के कारण सबसे तेज चमक के साथ अपेक्षाकृत बड़ा दिखने जा रहा है।

मध्य प्रदेश की नेशनल अवार्ड प्राप्‍त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने शुक्रवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार दोपहर 2 बजकर 4 मिनट पर जुपिटर, पृथ्‍वी और सूर्य एक सीध में होंगे। इस समय जुपिटर की पृथ्‍वी से दूरी लगभग 63 करोड़ 30 लाख 76 हजार किलोमीटर (सबसे कम) होगी। दूरी कम होने के कारण गुरुदर्शन का यह सबसे अच्‍छा अवसर होगा। इस कारण जुपिटर सबसे अधिक चमकीला और अपेक्षाकृत बड़ा दिखाई देगा।

सारिका ने बताया कि आप बिना किसी टेलिस्‍कोप के जुपिटर को शाम को चमकते हुए पूर्व दिशा में देख सकते हैं, लेकिन अगर आप टेलिस्‍कोप से देखेंगे तो इसकी डिस्‍क की पटिटकाओं को तथा इसके चार गैलिलियन मून को भी देख पाएंगे। इस घटना के समय जुपिटर माइनस 2.68 के मैग्‍नीटयूड से चमक रहा होगा।

उन्होंने बताया कि बृहस्‍पति जिसे गुरु भी कहते हैं, इस समय आकाश में मिथुन तारामंडल में है। यह शाम को उदित होने के बाद रातभर आकाश में रहकर मध्‍यरात्रि में सिर के ठीक उपर होगा तथा सुबह पश्चिम में अस्‍त हो जाएगा। खगोल प्रेमियों के लिए शनिवार को सुनहरा मौका है, जब पृथ्वी और बृहस्पति एक-दूसरे के आमने-सामने होंगे, इसलिए गुरुदर्शन का यह अवसर चूकिए मत।

सारिका ने जानकारी देते हुए बताया कि बृहस्‍पति हमारे ग्रह पृथ्‍वी से लगभग 11 गुना चौड़ा है। अगर हमारी पृथ्‍वी को हम अंगूर के आकार की मानें तो जुपिटर का आकार बास्‍केट बॉल के आकार का होगा। जुपिटर की सूर्य से इतनी ज्‍यादा दूरी है कि सूर्यप्रकाश इस तक पहुंचने में लगभग 43 मि‍नट लगते हैं। जुपिटर के अब तक 95 चंद्रमा खोजे जा चुके हैं।

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