टीएमएच के अकादमी प्रकोष्ठ क्लिनिकल सोसायटी की ओर से कांफ्रेंस का आयोजन किया गया जिसमें देशभर के डॉक्टर जुटे. कांफ्रेंस में चिकित्सा पेशेवरों के बीच वैज्ञानिक विचार-विमर्श, सहयोग व ज्ञान के आदान-प्रदान किया गया. सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समुदाय के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। टीएमएच में आयोजित कांफ्रेंस का उद्घाटन मुख्य अतिथि टाटा स्टील के वाइस प्रेसीडेंट कॉरपोरेट सर्विसेजह डी बी सुन्दर रामम ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. इस वर्ष के सम्मेलन की थीम ‘स्वास्थ्य सेवा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जंपिंग द कर्व’ में स्वास्थ्य प्रणालियों और क्लिनिकल प्रक्रियाओं में एआई के परिवर्तनकारी प्रभाव को रेखांकित किया गया।
वैज्ञानिक कार्यक्रम के तहत कई इंटरएक्टिव कार्यशालाएं आयोजित की गईं, जिनका संचालन प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने किया। इनमें नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज में हेल्थकेयर में एआई टास्क फोर्स के को-चेयर प्रोफेसर सुप्तेन सर्वाधिकारी और सेंटर फॉर रिस्पॉन्सिबल ऑटोनॉमस सिस्टम्स इन हेल्थकेयर (क्रैश लैब) से जुड़े डॉ. सुव्रंकर दत्ता शामिल थे. इन सत्रों में विशेष रूप से रेडियोलॉजी के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी के एकीकरण पर विस्तृत चर्चा की गई।
डा. सुव्रंकर दत्ता ने भारत में मेडिकल सुपरइंटेलिजेंस की दिशा में आगे की राह विषय पर जानकारी दी. कार्डियोलॉजी विभाग की जटिल कोरोनरी इंटरवेंशन पर एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई, जिसका संचालन प्रख्यात विशेषज्ञ डा. अरुण कल्याणसुंदरम (प्रोमेड हॉस्पिटल, चेन्नई) व डा. कुणाल सरकार (मणिपाल हॉस्पिटल्स, कोलकाता) ने किया. इस मौके पर चिकित्सा विषयों पर 100 से अधिक शोध पेपर प्रस्तुत किए।
