कुष्ठ उन्मूलन की दिशा में जिले में स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान–2026 का संचालन दिनांक 30 जनवरी 2026 से 14 फरवरी 2026 तक किया जाएगा। वहीं कुष्ठ रोग खोज अभियान (चक्र–2) के अंतर्गत दिनांक 09 मार्च 2026 से 23 मार्च 2026 तक जिले भर में घर-घर जाकर कुष्ठ रोग की पहचान की जाएगी। उक्त दोनों अभियान के सफल संचालन के निमित्त समाहरणालय सभागार में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। जिला परिषद अध्यक्ष बारी मुर्मू, उपाध्यक्ष पंकज सिन्हा, उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, सिविल सर्जन डॉ साहिर पाल, जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी, एनजीओ प्रतिनिधि बैठक में शामिल हुए।
उपायुक्त की ओर से ग्रामीण नागरिकों को लक्षित करते हुए स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान के तहत व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया ताकि आमजन को कुष्ठ रोग के लक्षण, उपचार एवं रोकथाम की जानकारी दी जा सके। अभियान में ग्राम सभा, स्थानीय पंचायत जनप्रतिनिधि की सहभागिता, सभी विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं शैक्षणिक संस्थानों को जोड़ा जाएगा। विद्यालय स्तर पर छात्रों के माध्यम से जागरूकता फैलाने के साथ-साथ क्विज एवं अन्य प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत कुष्ठ रोग से मुक्त व्यक्तियों को सम्मानित कर उन्हें समाज में जागरूकता का माध्यम बनाया जाएगा। जिला कुष्ठ निवारण कार्यालय द्वारा जन-संपर्क एवं जागरूकता गतिविधियों का संचालन किया जाएगा।
30 जनवरी 2026 को कुष्ठ निषेध दिवस के मौके पर विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसके माध्यम से कुष्ठ रोग के प्रति सामाजिक भ्रांतियों को दूर करने पर बल दिया जाएगा। इसके पश्चात कुष्ठ रोग खोज अभियान (चक्र–2) के दौरान 09 मार्च से 23 मार्च 2026 तक घर-घर जाकर संभावित कुष्ठ रोगियों की पहचान की जाएगी, ताकि रोग की शीघ्र पहचान कर समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा सके। उपायुक्त द्वारा सभी विभागों, स्वास्थ्यकर्मियों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं आमजन से अपील की गई है कि वे उक्त दोनों अभियानों में सक्रिय सहयोग प्रदान करते हुए जिले को कुष्ठ रोग मुक्त बनाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
