एक्सएलआरआई दिल्ली-एनसीआर में आयोजित दो दिवसीय लीडरशिप व मार्केट ट्रांसफॉर्मेशन पर आधारित फ्लैगशिप सीएक्सओ कॉन्क्लेव, वर्टएक्स 2026 का समापन हुआ. इस मौके पर एक्सएलआरआई दिल्ली एनसीआर के डीन डा. मुनीश ठाकुर ने आयोजित कॉन्क्लेव के उद्देश्य की जानकारी देते हुए इस बात पर जोर दिया कि संकट सिर्फ चैलेंज ही नहीं पैदा करते बल्कि लीडरशिप की काबिलियत को भी दिखाते हैं. उन्होंने लीडर्स की जिम्मेदारी पर जोर दिया कि वे अनिश्चितता के बीच तालमेल बनाए. एआई से बढ़ते माहौल में इंसानी मूल्यों की रक्षा करें और समाज, कंज्यूमर और रेगुलेटर की तरफ बदलते पावर डायनामिक्स को समझें। उन्होंने पिछले पांच वर्षांे ने हमें याद दिलाया है कि लीडरशिप की परीक्षा स्थिरता में नहीं, बल्कि व्यवधान में होती है, संकट टाइटल छीन लेते हैं और चरित्र को सामने लाते हैं।
रढ्ढ से चलने वाले और तेज़ी से बदलते रेगुलेटरी माहौल में, ज़िम्मेदार लीडरशिप को अंदरूनी विश्वास, नैतिक स्पष्टता व इंसानी मौजूदगी पर आधारित होना चाहिए. उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी फैसलों को तेज कर सकती है, लेकिन यह मौजूदगी पर आधारित लीडरशिप की जगह नहीं ले सकती जो भरोसा, लचीलापन व सामूहिक प्रगति को प्रेरित करती है। एक्सएलआरआई सीएक्सओ क्लब की स्टूडेंट टीम की ओर से आयोजित यह समिट ‘द फाइव-ईयर मोज़ेक (2020-2025)’ थीम पर केन्द्रित था जिसमें सीनियर इंडस्ट्री लीडर्स को सिस्टमिक लीडरशिप, डिफाइनिंग डिसीजन, टेक्नोलॉजिकल ट्रांजिशन व स्ट्रक्चरल मार्केट शिफ्ट्स पर विचार करने के लिए एक साथ लाया गया, जिन्होंने पिछले पांच सालों में ऑर्गेनाइजेशन को नया रूप दिया है।
एकेडमिक थ्योरी को ऑर्गेनाइजेशनल रियलिटी के साथ जोडऩे के लिए डिजाइन किए गए इस कॉन्क्लेव ने हाई-स्टेक एनवायरनमेंट में रियल-वल्र्ड डिसीजन-मेकिंग की जांच करने के लिए एक प्लेटफॉर्म बनाया. दो दिवसीय कॉन्क्लेव एक ग्रैंड इनॉगरेशन, फ्लैगशिप पैनल डिस्कशन, फायरसाइड बातचीत, सीएक्सओ पॉडकास्ट सेशन व स्टूडेंट इंटरेक्शन फोरम के आसपास बना था. लीडर्स ने अधूरी जानकारी के बीच ऐसे फैसले लेने पर चर्चा की जिन्हें बदला न जा सके, और इमोशनल शांति, साइकोलॉजिकल सुरक्षा और अनुभव पर आधारित फैसले के महत्व पर जोर दिया।
