बेंगलुरु का एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम आईपीएल २०२६ में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के घरेलू मैचों की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन इस बार प्रशंसकों के लिए एक बड़ा और अप्रत्याशित मोड़ सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार, जल संरक्षण और संधारणीयता को बढ़ावा देने के लिए, इस सीजन के दौरान स्टेडियम में ‘जीरो-वेस्ट’ और ‘वॉटर-न्यूट्रल’ नीति को कड़ाई से लागू किया जाएगा। इसके तहत, स्टेडियम में उपयोग होने वाले पानी का एक बड़ा हिस्सा केवल शोधित पुनर्नवीनीकरण जल (recycled water) से ही पूरा किया जाएगा, जो खेल जगत में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अनूठी पहल है।
इस नए बदलाव के कारण स्टेडियम की क्षमता और मैच के समय की व्यवस्थाओं में भी कुछ तकनीकी फेरबदल किए जा सकते हैं। आरसीबी प्रबंधन और स्थानीय अधिकारियों ने मिलकर एक विशेष कार्ययोजना तैयार की है ताकि पर्यावरण के अनुकूल इन नियमों का पालन करते हुए प्रशंसकों के अनुभव में कोई कमी न आए। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब शहर जल संकट जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है। इस ‘ट्विस्ट’ ने न केवल क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा है, बल्कि यह अन्य खेल आयोजनों के लिए भी एक हरित उदाहरण पेश कर सकता है, जहाँ रोमांच के साथ-साथ प्रकृति का भी सम्मान किया जाए।
