सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज का प्रतिनिधमंडल अध्यक्ष मानव केडिया के नेतृृत्व मेंं केन्द्रीय कर व केन्दीय उत्पादन शुल्क आयुक्त बी के गुप्ता से गुरुवार को बिष्टुपुर स्थित जीएसटी भवन में मिला. उनसे मिल कर क्षेत्र के करदाताओं व कर पेशेवरों के सामना की जा रही अलग-अलग व्यावहारिक समस्याओं पर चर्चा की. इस मौके पर चैम्बर के उपाध्यक्ष अधिवक्ता राजीव अग्रवाल, सचिव अंशुल रिंगसिया, कार्यकारिणी सदस्य पारस अग्रवाल, सुगम सरायवाला व राजेश अग्रवाल मौजूद थे। चैम्बर से केन्द्रीय कर व केन्द्रीय उत्पाद शुल्क आयुक्त को अवगत कराया कि जमशेदपुर व आसपास के कई क्षेत्रों में आज भी घर या दुकान के स्पष्ट नंबर निर्धारित नहीं हैं।
परंपरागत रूप से इन क्षेत्रों के पते सडक़ के नाम, स्थानीय पहचान, लैंडमार्क या पोस्ट ऑफिस के आधार पर पहचाने जाते रहे हैं. ऐसे में डाक विभाग के माध्यम से भेजी गई कई नोटिस अपूर्ण पता की टिप्पणी के साथ वापस लौट आते हैं, जिससे परिणामस्वरूप कुछ मामलों में नोटिस की सेवा न हो पाने के आधार पर संबंधित करदाताओं के जीएसटी पंजीकरण के निलंबन की कार्यवाही प्रारंभ कर दी जाती है, जिससे ईमानदार एवं नियमित करदाताओं को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. चैम्बर ने आयुक्त से अनुरोध किया कि सिर्फ डाक के भेजे गए नोटिस के इनसफिसिएंट एड्रेस टिप्पणी के साथ वापस आने के आधार पर जीएसटी पंजीकरण निलंबित करने की कार्यवाही न की जाए, यदि पता स्थानीय रूप से प्रचलित पहचान या लैंडमार्क से संबंधित हो।
सभी वैधानिक नोटिस एवं संचार अनिवार्य रूप से जीएसटी पोर्टल के माध्यम से जारी किए जाएँ, जिससे पारदर्शिता तथा उचित सेवा सुनिश्चित हो सके। ऐसे मामलों में जहां पते स्थानीय पहचान या लैंडमार्क के आधार पर प्रचलित हैं, क्षेत्रीय अधिकारी व्यावहारिक एवं संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाए. आयुक्त ने चैम्बर प्रतिनिधिमंडल के उठाए गए मामले पर आश्वासन दिया कि इन समस्याओं का परीक्षण कर वास्तविक कठिनाइयों को दूर करने के लिए आवश्यक कदमों पर विचार किया जाएगा, साथ ही प्रभावी कर प्रशासन भी सुनिश्चित किया जाएगा. चैंबर ने विभाग के साथ निरंतर संवाद व सहयोग के माध्यम से इज ऑफ डूइंग बिजनेस के बेहतर अनुपालन, व्यापार, उद्योग व कर प्रशासन के बीच रचनात्मक समन्वय को बढ़ावा देने की प्रतिद्धता व्यक्त की।
