
बोध गया मंदिर अधिनियम (बीटी एक्ट) 1949 को निरस्त करने की मांग को लेकर बौद्ध भिक्षुओं का दल बोध गया से पैदल यात्रा कर मंगलवार की सुबह पटना पहुंचा। बोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन के बैनर तले बौद्ध भिक्षुओं का जत्था गर्दनीबाग धरना स्थल से होते हुए मुख्यमंत्री आवास के प्रतिबंधित क्षेत्र की तरफ बढ़ गया।
मुख्यमंत्री आवास के पहले आकाश लामा के नेतृत्व में आए बौद्ध भिक्षुओं को प्रशासन ने रोक दिया। रोके जाने पर बौद्ध भिक्षु वहीं सड़क पर बैठ गए और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की मांग करने लगे। बाद में उन्होंने वहां पहुंचे जिला प्रशासन के प्रतिनिधि से मांगों का ज्ञापन सौंपा।
आंदोलन कर रहे भिक्षु महाबोधि विहार बोधगया (विहार) को बौद्धों को सौंपने की मांग संबंधी तख्तियां लिए हुए थे। आंदोलन में शामिल श्रद्धामित्र भिक्षु ने बताया कि उनका आंदोलन बोधगया में 84 दिनों से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन के रूप में जारी है। पटना आने का उद्देश्यअधिनियम में संशोधन के अलावा 12 मई को बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर बोधगया में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री को आमंत्रण भी देना है।