February 25, 2026
EDUCATION

अरका जैन यूनिवर्सिटी के फार्मेसी स्कूल की ओर से आयोजित ‘फार्माटेक 2.0’ राष्ट्रीय सम्मेलन ‘शैक्षणिक संस्थानों में नवाचार की संस्कृति के निर्माण पर उद्योग की अंतर्दृष्टि’  विषय पर केन्द्रित दो दिवसीय शैक्षणिक व उद्योग-उन्मुख सम्मेलन का आयोजन किया गया. यह सम्मेलन इंडियन ड्रग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन, झारखंड राज्य फार्मेसी परिषद, गुरु घासीदास विश्वविद्यालय व जेपोर कॉलेज ऑफ फार्मेसी के सहयोग से आयोजित किया गया।  अरका जैन यूनिवर्सिटी में आयोजित प्रेसवार्ता में देशभर से आए अतिथियों, शिक्षाविदों व उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया. कार्यक्रम की विधिवत शुरूआत गणेश वंदना के साथ हुई. इस मौके पर गुरु घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए व आईडीएमए की एसोसिएट अकादमिक सदस्यता की घोषणा की गई।

यह उपलब्धि संस्थागत और उद्योग सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. इस मौके पर मुख्य अतिथि डा. एलंगोवन करियाप्पन, सहायक नवाचार निदेशक, नवाचार प्रकोष्ठ, एआईसीटीई, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार, वर्चुअल माध्यम से सम्मिलित हुए. उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों में नवाचार, बौद्धिक संपदा के प्रति जागरूकता तथा उद्यमिता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया. प्रधान अतिथि डा. जॉर्ज पटानी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, आईडीएमए व निदेशक, इंग्गा लैबोरेटरीज ने उद्योग-केन्द्रित महत्वपूर्ण विचार साझा किए. उन्होंने अनुसंधान व विकास पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने और शिक्षा व उद्योग के बीच की दूरी को कम करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला. झारखंड राज्य फार्मेसी परिषद के रजिस्ट्रार-सह-सचिव प्रशांत कुमार पांडेय ने फार्मेसी शिक्षा में नियामक मानकों, पेशेवर नैतिकता व दक्षता बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।

भारतीय फार्मेसी परिषद की कार्यकारी समिति के सदस्य धर्मेन्द्र सिंह ने राष्ट्रीय नियामक ढांचों के अनुरूप शैक्षणिक नवाचार को संरेखित करने पर अपने विचार रखे. उन्होंने संस्थागत गुणवत्ता सुदृढ़ करने और शैक्षणिक प्रगति को संरचित और समावेशी बनाए रखने में नीतिगत समर्थन की भूमिका को रेखांकित किया. इस मौके पर वैज्ञानिक प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रमाण-पत्र और पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया. अरका जैन यूनिवर्सिटी के निदेशक डा. अमित श्रीवास्तव, कुलपति, प्रतिकुलपति डा. अंगद तिवारी ने कार्यक्रम की सफलता पर बधाई दी।

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